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शिक्षकों को मिली खुशखबरी सरकारी स्कूल के संचालन में हुआ भारी परिवर्तन जान ले अब कितने बजे तक स्कूल चलेगाशिक्षकों को मिली खुशखबरी सरकारी स्कूल के संचालन में हुआ भारी परिवर्तन जान ले अब कितने बजे तक स्कूल चलेगा 2006 से लेकर अब तक के नियोजित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर मिलेगी सरकारी राज्य कर्मी का दर्जा2006 से लेकर अब तक के नियोजित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर मिलेगी सरकारी राज्य कर्मी का दर्जा खुशखबरी शिक्षकों के लिए प्रारंभिक स्कूलों में शिक्षा विभाग ने अवकाश तालिक में हुआ भारी परिवर्तन जारी हुआ सूचीखुशखबरी शिक्षकों के लिए प्रारंभिक स्कूलों में शिक्षा विभाग ने अवकाश तालिक में हुआ भारी परिवर्तन जारी हुआ सूची प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक दिए गए लिंक पर जाकर जल्द सूचना प्राप्त कर लें आप कहीं छूट ना जाएंप्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक दिए गए लिंक पर जाकर जल्द सूचना प्राप्त कर लें आप कहीं छूट ना जाएं शिक्षकों को भी पुरानी पेंशन योजना शीघ्र लागू हो इस पर लिया गया बड़ा फैसलाशिक्षकों को भी पुरानी पेंशन योजना शीघ्र लागू हो इस पर लिया गया बड़ा फैसला सभी जिलों में शिक्षकों के लिए दिसंबर महीने का वेतन एवं अंतर राशि के लिए 11 अरब 92 करोड़ 85 लाख का हुआ आवंटन अब होगा भुगतानसभी जिलों में शिक्षकों के लिए दिसंबर महीने का वेतन एवं अंतर राशि के लिए 11 अरब 92 करोड़ 85 लाख का हुआ आवंटन अब होगा भुगतान

2 वर्षों के बाद शिक्षकों को मिली भारी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग ने जारी कर दी सूची आप भी देख ले

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दो वर्ष बाद अभिभावकों को पता चलेगा, बच्चों ने क्या सीखा
पटना।
कोरोना काल के बाद यानी दो साल बाद अर्द्धवार्षिक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस परीक्षा की रिपोर्ट से अभिभावकों को पता चलेगा कि उनके बच्चों ने दो वर्षों में स्कूल में क्या कुछ सीखा। इसके लिए बच्चों की अर्द्धवार्षिक परीक्षा 12 अक्टूबर से शुरू होगी। 18 अक्टूबर तक चलने वाली अर्द्धवार्षिक परीक्षा कक्षा एक से आठवीं के लिए होंगी। शिक्षकों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। जिस कक्षा का रिजल्ट खराब होगा, संबंधित शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके को देखा जाएगा। ज्ञात हो कि 2020 और 2021 में अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा नहीं ली गयी थी। सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था।

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अर्द्धवार्षिक परीक्षा में कक्षा दो से आठवीं तक के छात्र लिखित परीक्षा देंगे। वहीं, कक्षा एक के बच्चों की मौखिक परीक्षा ली जायेगी। परीक्षा होने के बाद स्कूल द्वारा रिपोर्ट तैयार की जाएगी। 19 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक कॉपी की जांच होगी। इसके बाद सात नवंबर को हर स्कूल में अभिभावकों को बुला कर उन्हें छात्र के प्रदर्शन की जानकारी दी जाएगी। विद्यार्थियों को ए, बी, सी, डी, ई का ग्रेड दिया जाएगा। सी से ई तक ग्रेड लाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विशेष कक्षा आयोजित की जाएंगी। अर्द्धवार्षिक परीक्षा में सौ अंक विभिन्न शैक्षणिक गतिविधि के मिलेंगे। इसमें नियमितता, समयबद्धता के लिए पांच, सहयोग के लिए चार, सक्रियता के लिए आठ, प्रश्न पूछने के लिए 10, अभिव्यक्ति के लिए 15, खेलकूद में 10, सफाई में 10, कलात्मक गतिविधि में 10, चित्र बनाने में आठ, नेतृत्व क्षमता में 10 व सृजनात्मकता के लिए 10 अंक दिए जाएंगे। 

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12 से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगी अर्द्धवार्षिक परीक्षा, शिक्षकों का भी होगा मूल्यांकन
 कोरोना के कारण 2020 व 2021 में अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा नहीं हुई थी
कक्षा दो से आठवीं तक के लिए प्रश्न पत्र के पांच-पांच सेट बनाए गये हैं। किसी एक सेट का प्रश्न पत्र शिक्षक द्वारा चयन किया जाएगा। प्रथम पाली दस से 12 और दूसरी पाली एक से तीन बजे तक ली जाएगी। सभी जिला में नियंत्रण कक्ष खोला गया है। नियंत्रण कक्ष छह से 18 अक्टूबर तक चलेगा।

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1.37 लाख छात्रों ने आठवीं के बाद नहीं लिया नौवीं में नामांकन
पटना ।
आठवीं उत्तीर्ण करने के बाद हजारों छात्र-छात्राएं सरकारी स्कूल से ड्रापआउट हो गये। इन्होंने आगे नौवीं में नामांकन नहीं लिया है। यह स्थिति किसी एक जिले की नहीं बल्कि राज्य भर के सभी जिलों स्कूलों की है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की मानें तो राज्य भर से आठवीं कक्षा में वर्ष 2022 में कुल 18 लाख 54 हजार 487 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, लेकिन इसमें अभी तक 17 लाख 16 हजार 968 विद्यार्थियों ने ही नौवीं में नामांकन लिया है। यानी एक लाख 37 लाख 519 विद्यार्थियों ने नामांकन नहीं लिया। अब शिक्षा विभाग द्वारा इन छात्र और छात्राओं को ट्रेस किया जा रहा है कि इन विद्यार्थियों ने आगे नौवीं में नामांकन क्यों नहीं लिया।

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ज्ञात हो कि आठवीं उत्तीर्ण करने के बाद सौ फीसदी विद्यार्थी आगे नौवीं कक्षा में नामांकित हो, इसके लिए प्रवेशोत्सव अभियान चलाया गया था। प्रवेशोत्सव के तहत नौवीं में एक लाख 61 हजार 347 विद्यार्थियों का नौवीं में नामांकन करवाया गया। इसके बावजूद एक लाख 37 हजार से अधिक छात्र - छात्राओं ने नामांकन नहीं लिया राज्य भर की बात करें तो राज्य के पांच ऐसे जिला रहे जहां आठवीं के बाद शत प्रतिशत नौवीं में नामांकन हुआ। इसमें अरवल, भोजपुर, नालंदा, रोहतास और सीवान जिला शामिल है । इन जिलों में आठवीं मे जितने विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, सभी के सभी का नामांकन हुआ। पटना जिला की बात करें तो 7.44 फीसदी विद्यार्थियों ने नौवीं में नामांकन न करें तो लिया। शिक्षा विभाग द्वारा 30 जून से 31 जुलाई तक प्रवेशोत्सव चलाया गया था। 

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इन जिलों में सबसे ज्यादा नामांकन बचे हैं
अररिया - 24.85 फीसदी, भागलपुर - 12.40 फीसदी, दरभंगा - 15.81 फीसदी, पूर्वी चंपारण 19.28 फीसदी, कटिहार - 15.47 फीसदी, किशनगंज 13.15 - फीसदी, मधेपुरा - 27.15 फीसदी, मधुबनी 18.99 फीसदी, सहरसा- 12.48 फीसदी, सुपौल - 10.49 फीसदी, पश्चिम चंपारण - 10.34 फीसदी । -सबसे ज्यादा मधेपुरा जिला में 27.15 फीसदी छात्र - छात्राएं ड्राप आउट हुए हैं। कम नामांकन लेने वाले राज्य भर में 11 जिले शामिल हैं। पांच जिलों में सौ फीसदी नौवीं में नामांकन


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