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विद्यालय खुलने के बाद निरीक्षण के दौरान पदाधिकारी शिक्षकों से इन सभी पंजी का होगा जांच,हो जाएं सावधान।

विद्यालय खुलने के बाद निरीक्षण के दौरान पदाधिकारी शिक्षकों से इन सभी पंजी का होगा जांच,हो जाएं सावधान।

माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लेखा संधारण की व्यवस्था दुरुस्त होगी। इससे माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लेखा प्रबंधन के अच्छे हालात बनेंगे। माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विभिन्न स्त्रोत यथा नामांकन शुल्क, परीक्षा शुल्क समग्र शिक्षा अंतर्गत अनुदान आदि से राशि प्राप्त होते हैं। प्राप्त राशि का व्यय और इससे संबंधित लेखा का संधारण विद्यालय स्तर पर किया जाता है। इसके आधार पर आवश्यकतानुसार निर्धारित प्रपत्र में उपयोगिता प्रमाणपत्र विद्यालय द्वारा संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराये जाते हैं। लेकिन, इसके निष्पादन को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार ने पाया है। 

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विद्यालय स्तर पर कैशबुक (रोकड़पंजी), सबसिडरी कैशबुक, बैंक से रिकॉनसिलेशन उपयोगिता प्रमाणपत्र आदि अलग- तरीके से किये जा रहे हैं। अलग यह भी देखा जा रहा है कि विद्यालय में विभिन्न मदों में पर्याप्त राशि उपलब्ध रहती है परंतु विद्यालय उसे खर्च नहीं कर पाता है। विद्यालय के अधारभूत संरचना एवं छोटे-छोटे आवश्यकताओं की पूर्ति करने हेतु राशि की आवश्यकता होती है, परंतु लेखा का संधारण ठीक से नहीं रहने के कारण राशि का व्यय नहीं होता है। इससे विद्यालय एवं छात्रहित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

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 इसके कारण प्रधानाध्यापक को अपने प्रतिस्थानी को प्रभार देने में भी कठिनाई होती हैं। इसके मद्देनजर लेखा प्रबंधन के दृष्टिकोण से जिला शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार ने तय किया है कि विद्यालय स्तर पर इसके प्रभावी रूप से निष्पादन के लिए इस कार्य में संलग्न लिपिकों, चिन्हित शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों का उन्मुखीकरण किया जाय। इससे विद्यालय खुद को अंकेक्षण कराने के लिए भी तैयार कर सकेगा। इसके लिए छह सदस्यीय कमेटी बनायी गयी है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) कमेटी के अध्यक्ष बनाये गये हैं। जिला शिक्षा कार्यालय के वेंकटेश कुमार सदस्य सचिव बनाये गये हैं। 

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सदस्य में बिहार शिक्षा परियोजना के लेखा पदाधिकारीपी. एन. एंग्लो संस्कृत उच्च विद्यालय के अश्विनी कुमार बांकीपुर राजकीय कन्या उच्च विद्यालय के अमित कुमार एक साधनसेवी देवेंद्र सदस्य बनाये गये हैं। कमेटी छह विद्यालयों क स्थलीय निरीक्षण कर लेखा संधारण से संबंधित किये जा रहे कार्य क अवलोकन कर उसे सूचीबद्ध करेगी। इस आधार पर कमेटी अनुशंसा करेगी कि विद्यालय में अधिकतम कितने बैंक खाता होन चाहिये तथा कैशबुक और सबसिडरी कैशबुक का संधारण किस प्रपत्र में किया जाना चाहिये। कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर से लेख संधारण कार्य, महत्वपूर्ण अभिलेखों एवं गार्ड फाइल के संधारण हेतु उसे सूचीबद्ध करने एवं इसके लिए चेकलिस्ट तैयार करने की अनुशंसा पर भी कमेटी कार्य करेगी। 31 अक्तूबर तक कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी इसके पूर्व कमेटी जिन छह विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण करेगी, उसमें दो राजकीय,उत्क्रमित विद्यालय होंगे।


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