बड़ी खबरें

बिहार सरकार ने विद्यालय से एक और नौकरी किया खत्म, इस बहाली में ₹16, 500 मिलेंगे।

बिहार सरकार ने विद्यालय से एक और नौकरी किया खत्म, इस बहाली में ₹16, 500 मिलेंगे।

1) इंटरमीडिएट के अंक के आधार पर 60 साल के लिए होगा नियोजन। 
2) सभी 9 हजार माध्यमिक-उच्च माध्यमिक स्कूलों में भर्ती होंगे1-1 सहायक व परिचारी। 
3) सहायक को प्रति माह 16,500 रु. और परिचारी को 15,200 रुपए मिलेंगे।

शिक्षा विभाग ने मकर संक्रांति समाप्त होते ही अपने पदाधिकारियों को बदल कर नियमों को बदला।

पटना। राज्य के करीब 9 हजार उच्च व उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अब विद्यालय एक-एक सहायक व एक-एक परिचारी का नियोजन जिला परिषद व नगर निकाय के नियोजन इकाइयों से होगा। इंटरमीडिएट में अधिकतम अंक के आधार पर विद्यालय सहायक बन सकेंगे। मैट्रिक में अधिकतम अंक के आधार पर परिचारी होंगे। वर्तमान में लिपिक और आदेशपाल के पद को मरणशील घोषित कर दिया गया। यानी वर्तमान में इस पद पर कार्यरत कर्मियों की सेवानिवृति के बाद ये पद स्वतः समाप्त हो जाएंगे।

लिपिक का पद विद्यालय सहायक और आदेशपाल का पद परिचारी कहा जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने संकल्प जारी कर दिया। विद्यालय सहायक को प्रतिमाह नियत वेतन 16,500 रुपए और परिचारी को प्रतिमाह 15,200 रुपए दिए जाएंगे। कार्य संतोषजनक होने पर विद्यालय सहायक को प्रतिवर्ष 500 और परिचारी को 400 रुपए वेतन में बढ़ोतरी भी की जाएगी। बहाली के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष है। सामान्य प्रशासन विभाग के अनुरूप आरक्षण और उम्र निर्धारित रहेगी। स्थानांतरण नहीं होगा। नियोजन के बाद 60 वर्ष की उम्र तक कार्य करेंगे।

इसे भी पढ़ें।

शिक्षकों को मिलेगा क्षतिपूरक अवकाश। 

लखीसराय। जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार सिंह एवं डीपीओ स्थापना शिवचंद्र बैठा के द्वारा संयुक्त रूप से क्षतिपूरक अवकाश दिए जाने का आदेश निकाला गया है। विधानसभा चुनाव को लेकर शिक्षकों के दुर्गापूजा अवकाश को रद्द कर दिया गया था। हिंदी के विद्यालयों में 11 दिन एपं उर्दू के विद्यालयों में नौ दिनो का अवकाश रद्द हुआ था।


Buy Amazon Product