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बिहार के सभी राज्यों के नियोजित शिक्षकों को लेकर न पाएंगे डीईओ अब होगी कार्रवाई।

बिहार के सभी राज्यों के नियोजित शिक्षकों को लेकर न पाएंगे डीईओ अब होगी कार्रवाई।

पटना | राज्य के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2006 के बाद नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की निगरानी जांच में हो रहे विलंब को लेकर शिक्षा विभाग की नियोजन इकाइयों के साथ-साथ संबंधित जिलों के जिला शिक्षा प्रशासन पर भी टेढ़ी नजर है। जांच से छूटे शिक्षकों के नियोजन के समय की मेधा सूची नहीं मिली तो डीईओ नपेंगे। खासतौर से 2012 के बाद के नियोजन की मेधा सूची गायब रहने पर उनपर कार्रवाई तय है।

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शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक विभाग को ज्यादा मशक्कत 2011 के पहले की मेधा सूची को लेकर की डिग्रियां जांच के लिए जुटाई जा रही हैं, तब मेधा सूची कामिलना आवश्यक है। क्योंकि तब शिक्षक ने कौन सी डिग्री दी थी और अब कौन सी दे रहे हैं, इसका पता मेधा सूची में मिले उनके अंकों से ही चल सकता है।

राज्य के नियोजित शिक्षकों की डिग्रियों की निगरानी जांच हाईकोर्ट के आदेश से 2015 से चल रही है। अभी भी 1 लाख 3 हजार शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच बाकी है। हालांकि शिक्षा विभाग की मानें तो इनमें से 37 हजार शिक्षकों की डिग्रियां जिलों में जमा हैं। लेकिन निगरानी ने इन सर्टिफिकेट को लेने से इनकार कर दिया है। कारण कि इसके साथ मेधा सूची नहीं है।

तेजी से जांच पूरी करना चाहता है शिक्षा विभाग

शिक्षा विभाग हर हाल में तेज गति से पिछत पांच साल से चल रही इस जांच को अंजाम तक पहुंचाना चाहता है। दो दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग क निगरानी जांच को जल्द से जल्द पूर्ण करा का निर्देश दिया है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने पोर्टल बनाने का कार्य तेज कर दिया है। एनआईसी को यह काम सौंपा गया है और प्राथमिक शिक्षा के अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। माना जा रहा है कि अगले एक सप्ताह में आदेश निर्गत कर 1 लाख 3 हजार शिक्षकों को इसपर अपना प्रमाण पत्र डाउनलोड करने को कहा जाएगा।

शिक्षकों को प्रमाण पत्र अपलोड करने को मिल सकती है एक महीने की मोहलत

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पोर्टल के तैयार होते ही जिन एक लाख तीन हजार शिक्षकों के प्रमाण | पत्रों की निगरानी जांच नहीं हो पायी है, उन्हें अपने प्रमाण पत्रों को पोर्टल पर अपलोड करने के लिए आदेश निर्गत किया जाएगा। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय इस कार्य के लिए संबंधित शिक्षकों को करीब एक महीने का समय देने की तैयारी में है। विभाग द्वारा इसके मुतल्लिक अगले सप्ताह आदेश जारी हो सकता है। तय समयावधि में भी यदि निगारानीजांनोटेकोर्ट शिक्षक


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