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बिहार के नियोजित शिक्षकों के जांच के नाम पर प्रताड़ित कर रही है विभाग

बिहार के नियोजित शिक्षकों के जांच के नाम पर प्रताड़ित कर रही है विभाग

पटना/का.सं। राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन कहा कि सरकार नियोजित शिक्षकों को जांच के नाम पर प्रताड़ित कर रहीं हैं साथ ही नियोजित शिक्षकों से मेधासूची की माँग किये जाने पर कड़ी आपत्ति जतायी हैं। ज्ञातव्य हो कि उच्च न्यायालय पटना के निर्देश के आलोक में विगत 4 वर्षों से पंचायती राज एवं नगर निकाय संस्थानों के अंतर्गत नियुक्त शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की निगरानी जांच चलायी जा रही है, जिसमें सभी शिक्षकों ने अपना शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र शिक्षा विभाग में जमा कर चुके है।

सरकारी स्कूल के सभी शिक्षक,समन्वयक के लिए जुलाई महीने के लिए विभाग ने जारी कर दिया आदेश।


परंतु प्राथमिक शिक्षा निदेशालय पटना के द्वारा राज्य के करीब नब्बे हजार शिक्षकों को अपना शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र तथा मेघा सूची निगरानी विभाग के वेब पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है साथही जो शिक्षक वांछित प्रमाण-पत्र एवं मेघासूची जमा नहीं करेंगे उन्हें नौकरी से हटा दिया जाएगा। जबकि शिक्षकों के पास सिर्फ शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र तथा नियोजन पत्र ही उपलब्ध है। मेघा सूची एवं नियुक्ति संबंधी अन्य अभिलेख नियोजन इकाई और शिक्षा विभाग के पास ही रहता है ऐसी स्थिति में कोई शिक्षक मेघा सूची एवं अन्य अभिलेख निगरानी के वेब पोर्टल पर कैसे अपलोड कर सकेंगे ?

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित सभी अभिलेखों को सुरक्षित रखने का दायित्व नियोजन इकाई को ही दिया गया है फिर शिक्षकों से नियोजन संबंधी अभिलेखों की मांग कर विभाग शिक्षकों को प्रताड़ित कर रही है। वभाग का यह रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है तथा शिक्षकों को परेशान करने की बड़ी साजिश है। सरकार शिक्षकों के द्वारा मेघा सूची एवं अन्य अभिलेख निगरानी के वेब पोर्टल पर जमा करने के विभागीय आदेश को वापस लें। सरकार शिक्षकों से मेघासूची माँग किये जाने के आदेश को वापस लें अन्यथा राष्ट्रीय जनता दल नियोजित शिक्षकों के हित में आन्दोलन करने को विवश होगी।


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