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बिहार के नियोजित शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने बढ़ा दी संकट, क्या होगा इन शिक्षकों को?

बिहार के नियोजित शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने बढ़ा दी संकट, क्या होगा इन शिक्षकों को?

अब बिहार के नियोजित शिक्षक अपने सेवाकाल में प्रमोशन लेने के लिए  उच्च योग्यता विस्तार के लिए दूरस्थ माध्यम (डिस्टेंस मोड) से बीएड करने के लिए कई शिक्षकों ने भी फॉर्म भरा। परीक्षा में शामिल भी हुए। पांच हजार निजी और सरकारी स्कूल के शिक्षक का नाम मेरिट सूची में आया, लेकिन अब इन शिक्षकों नामांकन पर संशय हो रहा है। चूंकि बिहार के किसी भी विश्वविद्यालय को दूरस्थ माध्यम से बीएड करने की मान्यता अभी तक नहीं मिली है। इससे इन प्राइमरी शिक्षकों की काउंसिलिंग और दूरस्थ शिक्षा के तहत बीएड में नामांकन अभी तक नहीं हो पाया है। सभी को सरकार के निर्देश का इंतजार कर रहे है।
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दरअसल, बिहार बीएड कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2020 में नियमित के अलावा दूरस्थ माध्यम से भी बीएड करने वालों को आवेदन करने का मौका दिया गया था। इसमें कई ऐसे प्राइमरी शिक्षकों ने भी आवेदन किया जो योग्यता विस्तार के लिए बीएड की डिग्री लेना चाहते हैं। एक फरवरी 2020 को आवेदन की तिथि निकाली गयी। कोरोना संक्रमण के कारण 22 सितंबर को परीक्षा ली गयी। 

अक्टूबर के पहले सप्ताह में रिजल्ट आया। इसके बाद काउंसिलिंग और नामांकन शुरू हुआ, लेकिन दूरस्थ माध्यम से बीएड करने वालें काउंसिलिंग और नामांकन का इंतजार अभी भी कर रहे हैं। अररिया के अभ्यर्थी पुरुषोत्तम कुमार जायसवाल ने बताया कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा की वेबसाइट पर अगले आदेश तक नामांकन प्रक्रिया स्थगित रहने की सूचना दी गयी है।  

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काउंसिलिंग की तिथि अब तक जारी नहीं: बीएड प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए सामान्य श्रेणी के छात्रों से प्रति एक हजार आवेदन शुल्क लिया गया था। पूर्णिया में कार्यरत एक शिक्षक आलोक आनंद ने बताया कि एक हजार शुल्क लिया गया था। फरवरी 2020 में आवेदन भरवाया गया था। जून 2020 में रिजल्ट आया लेकिन अभी तक हमारी काउंसिलिंग के लिए कोई तिथि निर्धारित नहीं किया गया है। 

प्राइमरी और मध्य विद्यालय के शिक्षक करते हैं डिस्टेंस से बीएड 


प्रदेशभर के प्राथमिक और मध्य विद्यालय के शिक्षक योग्यता विस्तार के लिए डिस्टेंस से बीएड करते हैं। चूंकि ये शिक्षक डीएलएड पर ही प्राथमिक और मध्य विद्यालय में शिक्षक होते हैं। अररिया के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक तौसीफ अहमद ने बताया कि वो प्राथमिक स्कूल में शिक्षक हैं। योग्यता विस्तार के लिए बीएड दूरस्थ माध्यम से करना चाहते हैं। वहीं, वाणी प्रिया और प्रेरणा कुमारी ने बताया कि मेरिट सूची में नाम आने के बाद भी अभी तक  नामांकन नहीं हो पाया है। 

अरविंद मिलान (कोऑर्डिनेटर बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा) ने कहा, जब आवेदन भरवाया गया था तो कॉलेजों को दूरस्थ माध्यम से बीएड करवाने की मान्यता थी। सितंबर 2020 में यूजीसी ने किसी भी कॉलेज को इसकी मान्यता नहीं दी है। इससे अभी तक नामांकन नहीं हो पाया है। 

- 01 एक हजार रुपए लिया गया था आवेदन शुल्क
- पांच हजार से अधिक शिक्षक कर रहे नामांकन का इंतजार 
- सरकार के निर्देश का इंतजार कर रहा विश्वविद्यालय


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