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नियोजित शिक्षकों के चालू वित्तीय वर्ष एवं बकाया वेतन का भुगतान के लिए राशि हुआ आवंटन जान ले कितना मिलेगा ।नियोजित शिक्षकों के चालू वित्तीय वर्ष एवं बकाया वेतन का भुगतान के लिए राशि हुआ आवंटन जान ले कितना मिलेगा । नियोजित शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी बिहार सरकार ने वेतन के साथ एरिया का भी कर दिया आवंटन कौन सा महीना का मिलेगानियोजित शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी बिहार सरकार ने वेतन के साथ एरिया का भी कर दिया आवंटन कौन सा महीना का मिलेगा सरकारी स्कूलों में चल रहे वर्ग में बैठकर अफसर करेंगे निरीक्षण, शिक्षकों को मिलेगा 15 जून के बाद सेवांत लाभ का मौका। सरकारी स्कूलों में चल रहे वर्ग में बैठकर अफसर करेंगे निरीक्षण, शिक्षकों को मिलेगा 15 जून के बाद सेवांत लाभ का मौका। डीईओ कार्यालय में मची हड़कंप, 2006 के बाद वाले नियोजित शिक्षकों के दक्षता को लेकर सबसे बड़ी खुशखबरी ।डीईओ कार्यालय में मची हड़कंप, 2006 के बाद वाले नियोजित शिक्षकों के दक्षता को लेकर सबसे बड़ी खुशखबरी । प्रारंभिक विद्यालय में प्रधान शिक्षक की बीपीएससी से होने वाली परीक्षा जून के इस तारीख की हो गई घोषणा जान ले पूरा दिशा निर्देश।प्रारंभिक विद्यालय में प्रधान शिक्षक की बीपीएससी से होने वाली परीक्षा जून के इस तारीख की हो गई घोषणा जान ले पूरा दिशा निर्देश। नियोजित शिक्षकों के लिए इस वक्त बड़ी खुशखबरी स्कूलों को मिलेगा दूरी का प्रमाण पत्र अब बढ़ेगा DAनियोजित शिक्षकों के लिए इस वक्त बड़ी खुशखबरी स्कूलों को मिलेगा दूरी का प्रमाण पत्र अब बढ़ेगा DA

नीतीश कैबिनेट में शिक्षा मंत्री विजय कुमार बनते हैं शिक्षकों के लिए किया बड़ा ऐलान।

नीतीश कैबिनेट में शिक्षा मंत्री विजय कुमार बनते हैं शिक्षकों के लिए किया बड़ा ऐलान।


पटना। राज्य की नीतीश सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी अब 'शिक्षा' की डगर चलेंगे। शिक्षा की डगर पर चुनौतियां भी कम नहीं होंगी। इस मायने में कि कोरोना काल में लाखों बच्चों की पढ़ाई छूट गयी है। पंचायती राज एवं नगर निकायों की महिला शिक्षक इच्छित तबादले का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। पुरुष शिक्षक भी इच्छित जगह पर जाने के लिए पारस्परिक तबादले के इंतजार में हैं। पंचायती राज एवं नगर निकायों के शिक्षकों की प्रोन्नति की प्रक्रिया भी अटकी हुई है।

नियोजित शिक्षकों के लिए खुशखबरी 16,54,78,25,000/- (सौलह अरब चौवन करोड़ अठहत्तर लाख पच्चीस हजार रूपये) के व्यय की स्वीकृति एरिया के साथ वेतन का होगा भुगतान।नियोजित शिक्षकों के लिए खुशखबरी 16,54,78,25,000/- (सौलह अरब चौवन करोड़ अठहत्तर लाख पच्चीस हजार रूपये) के व्यय की स्वीकृति एरिया के साथ वेतन का होगा भुगतान।


माना जा रहा है कि नये मंत्री विजय कुमार चौधरी के शिक्षा विभाग का कार्यभार संभालने के बाद उनके समक्ष प्रेजेंटेशन होगा। प्रेजेंटेशन के माध्यम से उन्हें विभाग की संरचना, राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रहीं योजनाएं, उसके कार्यान्वयन की अद्यतन स्थिति, केंद्र प्रायोजित योजनाएं और उसके संचालन हाल, शिक्षा विभाग की उपलब्धियों एवं चुनौतियों से रू-ब-रू कराया जायेगा।

 आपको बता दूं कि वर्तमान में राज्य सरकार के विभागों में सबसे बड़ा शिक्षा विभाग ही है । इसके अधीन सात ऐसे निदेशालय हैं, जो आकार की दृष्टि से अपने आपमें किसी विभाग से कम नहीं हैं । इन सात निदेशालयों में प्राथमिक शिक्षा निदेशालय, माध्यमिक शिक्ष निदेशालय, उच्च शिक्षा निदेशालय, जन शिक्षा निदेशालय, शोध एवं प्रशिक्षण निदेशालय, प्रशासनिक निदेशालय तथा मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय शामिल हैं। 

इससे इतर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद तथा उच्चतर शिक्षा परिषद भी आकार की दृष्टि से किसी बड़े निदेशालय से कम नहीं हैं 
विभाग के अधीन चार परीक्षा बोर्ड एवं दो निगम हैं। एक बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम है, तो दूसरा बिहार राज्य पाठ्यपुस्तक निगम। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के अधीन 72 हजार, तो माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अधीन तकरीबन आठ हजार स्कूल हैं।

 उच्च शिक्षा निदेशालय के जिम्मे 13 पारम्परिक विश्वविद्यालय हैं । इन पारम्परिक विश्वविद्यालयों के अधीन ढाई सौ अंगीभूत एवं इतने ही सम्बद्ध कॉलेज हैं । शोध संस्थानों के साथ राजकीय महाविद्यालय हैं, सो अलग।
लेकिन, हालात बताते हैं कि शिक्षा पर जितना खर्च है, उस हिसाब से आउटकम नहीं है । शिक्षा बजट का तकरीबन तीस फीसदी हिस्सा 'प्रारंभिक शिक्षा' पर खर्च हो रहा है । करीब पंद्रह फीसदी हिस्सा माध्यमिक शिक्षा पर खर्च होता है । 

और, करीब पंद्रह फीसदी हिस्सा ही उच्च शिक्षा पर भी
खर्चहोता है।खर्च के हिसाब से आउटकमलानानये शिक्षा मंत्री के लिए चुनौती होगी। विभाग के ही आंकड़ों की मानें, तो हर साल जितने बच्चे मैट्रिक में आते हैं, उनमें आधे हाई स्कूल की शिक्षा पूरी करने के पहले ही ड्रॉपआउटहो जाते हैं यानी पढ़ाई छोड़ देते हैं।प्लस-ट्रतककी शिक्षा पूरी करनेवाले बच्चों में आधे ही उच्चशिक्षा में दाखिलालेते हैं, जबकि आधेड्रॉपआउट हो जाते हैं। 

आंकड़े बताते हैं कितकरीबन एकलाख बच्चे स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से पढ़ने जाते हैं।स्टूडेंट क्रेडिट कार्डसे पढ़ने वालों के विश्रेषण से यह नया तथ्य सामने आया है कि अधिकांश बच्चे पढ़ने के लिए उड़ीसा जा रहे हैं । आंकड़ेइस बात की गवाही दे रहे हैं किहालकेवर्षों में भुवनेश्वर एकनये एजुकेशन हब के रूप में उभर रहा है ।उच्च शिक्षा से इतर प्रारंभिक शिक्षा में यह सुनिश्चित करना कम बड़ी चुनौती नहीं होगी कि पहली से आठवीं कक्षा के हर बच्चे के हाथ में किताब हो। 

दरअसल, पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को पाठ्यपुस्तक खरीदने के लिए पैसे दिये जाते हैं । आठवीं तक की हर कक्षा के हर बच्चे या उनके माता-पिता के खाते में पाठ्यपुस्तकों के मूल्य की राशि जाती है। लेकिन, उस पैसे से बच्चों के लिए उनके माता-पिता द्वारा पाठ्यपुस्तकें खरीदी ही जाय, ऐसा नहीं होता। इससे प्रभावित होने वाले बच्चों के हाथों तक किताबें नहीं पहुंचतीं ।

बहरहाल, वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य के मद्देनजर शिक्षा की कठिन डगर पर वैसे निर्णयों की आवश्यकता जतायी जा रही है , जिससे पहली से प्लस-टूकक्षातककी शिक्षा में ड्रॉपआउट पूरी तरह रुके और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात बढ़ाने के साथ ही उच्च शिक्षणसंस्थानों की शैक्षिक व्यवस्था को दुरुस्त करना भी कम बड़ी चुनौती नहीं होगी।


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