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70 हजार सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने जारी किया निर्देश ऐसा नहीं होने पर शिक्षकों पर होगी कार्रवाई।

70 हजार सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने जारी किया निर्देश ऐसा नहीं होने पर शिक्षकों पर होगी कार्रवाई।

जिले के प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों में शौचालय की साफ-सफाई बेहतर ढंग से रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही बच्चों को पीने के लिए पेयजल का स्त्रोत रखना है। अगर जांच के दौरान शौचालय में गंदगी पाई गई या पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं रहा तो इसके लिए संबंधित हेडमास्टरों को जिम्मेदार माना जाएगा और उन पर कार्रवाई होगी। इस संदर्भ में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया है। अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है इन सुविधाओं के लिए समग्र विद्यालय अनुदान की राशि जारी की जाती है। फिर भी निरीक्षण के दौरान स्कूलों के शौचालय में गंदगी पाई जाती है। इसको लेकर विभाग काफी चिंतित है। अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि यह काफी चिंतनीय है कि स्कूलों में शौचालय तथा पेयजल के स्रोत बेहतर नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्वच्छता के लिए दी गई अनुदानित राशि का सदुपयोग नहीं हो रहा है।

इसलिए दिए गए प्रावधान के तहत स्वच्छता पर भी जोर देना है और उस राशि का प्रावधान के मुताबिक स्वच्छता पर खर्च करना है। ताकि शौचालय स्वच्छ रहे तथा बच्चों को शुद्ध पेयजल मिल सके।

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स्कूलों में सफाई के लिए कर्मियों की नहीं हुई है बहाली

स्वच्छता पर राशि खर्च करने के बाद ही स्कूलों के भवन की रंगाई पुताई करनी है। यह आदेश प्राइमरी मिडिल तथा हाई स्कूल तक के स्कूलों को दिया गया है। अपर मुख्य सचिव ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश देने के साथ ही इसकी सूचना समग्र शिक्षा के डीपीओ को भी दी है। इस आदेश के बाद अब स्कूलों के शौचालय स्वच्छ रहने की उम्मीद है। कारण कि शौचालय के अंदर रहने तथा पेयजल की सुविधा नहीं रहने पर हेडमास्टरों पर कार्रवाई का डर छाया रहेगा। इसलिए वे शौचालयों की साफ- सफाई भी बेहतर ढंग से कराएंगे। जिले में 2100 से ज्यादा प्राइमरी तथा मिडिल स्कूल है। जबकि इसके अलावा भी अपग्रेडेड हाई स्कूल हाई स्कूल, अनुदानित हाई स्कूल तथा अल्पसंख्यक हाई स्कूल भी है। जिले के प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों में सफाई के लिए कर्मी की बहाली नहीं हुई है। इस वजह से प्राइमरी स्कूलों में बच्चे ही सफाई करते हैं। शौचालय की सफाई हेडमास्टर द्वारा कभी कभार बाहर के सफाई कर्मियों को बुलाकर कराई जाती है, लेकिन शौचालय की सफाई कराने के प्रति स्कूलों के हेड मास्टर भी उदासीनता बरतते हैं इस वजह से अधिकतर स्कूलों में शौचालय गंदा रहता है।

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बिना निलंबित किए शिक्षक का वेतन रोका तो अधिकारी पर होगी कार्रवाई

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी डीईओ व डीपीओ (स्थापना) को भेजा पत्र

शिक्षा विभाग ने जिलों के शिक्षा अधिकारियों को चेताया है कि बिना किसी ठोस कारण शिक्षकों का वेतन रोका तो कार्रवाई होगी। अपर मुख्य सचिव ने शुक्रवार को सभी डीईओ व डीपीओ (स्थापना) को पत्र भेज कर कहा है कि प्रायः देखा जा रहा है कि शिक्षकों को वेतन बिना कारण ही रोक दिया जाता है। ऐसे मामले न्यायालय में जाते हैं। अपर मुख्य सचिव ने इस तरह के एक मामले में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षकों के कार्यरत अवधि का वेतन भुगतान करना सुनिश्चित करें। यदि किसी शिक्षक की नियुक्ति अवैध हो या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता हो तो मात्र वेतन रोकने की कार्रवाई को वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामले में या तो निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही की जाए या बिना निलंबन के विभागीय कार्रवाई की जाए। लेकिन बिना निलंबन या विभागीय कार्रवाई के मात्र वेतन नहीं रोकना है। यह भी कहा कि आधारभूत नियम यह है कि जिस भी कर्मी से आप कार्य ले रहे हैं, उनका वेतन भुगतान आवंटन के अभाव के अलावा अन्य किसी भी परिस्थिति में नहीं रोका जा सकता।


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