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मिल गई सबसे बड़ी खुशखबरी अब नियोजित शिक्षक ही होंगे हेड मास्टर:डीईओ ।

मिल गई सबसे बड़ी खुशखबरी अब नियोजित शिक्षक ही होंगे हेड मास्टर:डीईओ ।

अब कोई भी सरकारी विद्यालय वित्तीय प्रभार में नहीं रहेगा, विद्यालय में प्रतिनियुक्त नियोजित शिक्षक को एचएच बनाया जाएगा और उन्हें ही स्कूल का वित्तीय प्रभार भी सौंपा जाएगा। जिससे स्कूल का कार्य किसी भी प्रकार से बाधित ना हो और सुचारु रुप से कार्य होता रहे। उक्त बातें आरडीडी सह बांका डीइओ देवेंद्र झा ने कही। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि लगातार स्कूलों के निरीक्षण के क्रम में पता चला कि वित्तीय प्रभार वाले विद्यालय से जहां एचएम गायब मिले, वहीं प्रतिनियुक्त मूल विद्यालय से भी एचएम गायब रहा करते है। जिससे जहां विद्यालय का कार्य प्रभावित होता है। 

शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने शिक्षकों को दिया खुशियों का सौगात कहा सभी आशाओं को पूर्ण करेंगें।

 

वहीं वित्तीय प्रभार के कारण विद्यालय में हर कार्य बाधित हुआ करता है। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया कि जो विद्यालय वित्तीय प्रभार में चल रहे है, उस विद्यालय के सिनियर नियोजित शिक्षक को ही एचएम का प्रभार सौंपते हुए उन्हें वित्तीय प्रभार भी दिया जाएगा, जिससे विद्यालय का कार्य बिना प्रभावित हुए सुचारु रुप से चल सकेगा। जिसको आदेश भी जारी कर दिया गया है। सभी वित्तीय प्रभार वाले विद्यालयों को चिह्नित करते हुए सभी वित्तीय प्रभार में चल रहे विद्यालय के सिनियर नियोजित शिक्षक को प्रभारी एचएम बनाते हुए उन्हें वित्तीय प्रभार भी सौंपा जाएगा।

 

केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षक वकर्मियों के हजारों पद रिक्त

देश के केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षक, इब्रेरियन और नॉन टीचिंग स्टाफ के जारों पद रिक्त हैं। इन पदों पर नियुक्ति ही हुई है। इस वजह से दस हजार से नधिक पद खाली पड़े हैं। वहीं नॉन चिंग के साढ़े चार हजार पद रिक्त हैं। सका खुलासा आरटीआई से हुआ है। देशभर के सभी केंद्रीय विद्यालयों में टोंकी संख्या का पता चल गया। एक नवरी 2020 तक विभिन्न पदों पर 10 जार से अधिक सीटें केंद्रीय विद्यालयों खाली पड़ी थी।

 

 मई तक इसकी संख्या कुछ और बढ़ोतरी हुई है। यह नकारी केंद्रीय विद्यालय संगठन ने पांकर गौरव द्वारा आरटीआई के तहत गी गई सूचना में दी है। आरटीआई के वाब में केंद्रीय विद्यालय संगठन के हायक आयुक्त विमलेश कुमार सिंह ने बताया कि विभिन्न पदों पर 59,496 सीटों के विरुद्ध 49,346 सीटें ही भरी हैं। शेष 10,150 सीटें रिक्त पड़ी हैं। केंद्रीय विद्यालयों में प्रिंसिपल, हेडमास्टरों की कुल 594 सीटें रिक्त हैं। 

 

इसी प्रकार विभिन्न विषयों में पीजीटी के 926 सीटें खाली हैं, जिसमें स्नातकोत्तर के साथ बीएड कर चुके छात्रों की बहाली की जा सकती है। वही टीईटी के 1698 शिक्षकों की सीटें रिक्त है। वहीं लाइब्रेरियन की सीटें भी काफी संख्या में रिक्त पड़ी हैं। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए केंद्रीय विद्यालय में बड़ा अवसर है। केंद्रीय विद्यालयों में गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के भी बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। 1 फरवरी 2020 तक नॉन टीचिंग स्टाफ के 4781 पद रिक्त पड़े थे।


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