बड़ी खबरें

78 हजार केंद्रीय राज्य कर्मियों को 188 करोड़ से ज्यादा दिवाली बोनस के रूप में बड़ी धनराशि मिलेगी।78 हजार केंद्रीय राज्य कर्मियों को 188 करोड़ से ज्यादा दिवाली बोनस के रूप में बड़ी धनराशि मिलेगी। राज्य के 80 हजार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को 18 अक्टूबर के होने वाले कार्यक्रमों के लिए निर्देशक प्राथमिक शिक्षा ने पत्र जारी कर दियाराज्य के 80 हजार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को 18 अक्टूबर के होने वाले कार्यक्रमों के लिए निर्देशक प्राथमिक शिक्षा ने पत्र जारी कर दिया बेसिक ग्रेड के नियोजित शिक्षकों को अब जल्द मिल सकेगा प्रमोशन का आ गया फैसला शिक्षकों में अत्यंत खुशी की लहरबेसिक ग्रेड के नियोजित शिक्षकों को अब जल्द मिल सकेगा प्रमोशन का आ गया फैसला शिक्षकों में अत्यंत खुशी की लहर सरकारी कर्मियों के साथ नियोजित शिक्षकों को भी सरकार ने दिया दिवाली से पहले धमाकेदार तोहफा DA में हुआ 4% की वृद्धिसरकारी कर्मियों के साथ नियोजित शिक्षकों को भी सरकार ने दिया दिवाली से पहले धमाकेदार तोहफा DA में हुआ 4% की वृद्धि हो जाएं सावधान, चहक कार्यक्रम में विभाग द्वारा भेजे गए सामग्री को गलत तरीके से लेने को लेकर शिक्षक हो रहे निलंबितहो जाएं सावधान, चहक कार्यक्रम में विभाग द्वारा भेजे गए सामग्री को गलत तरीके से लेने को लेकर शिक्षक हो रहे निलंबित 2015 तक के बहाल नियोजित शिक्षकों को स्नातक ग्रेड में होगा प्रोन्नत वरीता के आधार पर वेतन में होगी बढ़ोतरी2015 तक के बहाल नियोजित शिक्षकों को स्नातक ग्रेड में होगा प्रोन्नत वरीता के आधार पर वेतन में होगी बढ़ोतरी

शिक्षकों की उपस्थिति में विभाग ने जारी किया नया निर्देश व्हाट्सएप पर दिन में दो बार बनेंगे हाजिरी जाने कैसे?

शिक्षकों की उपस्थिति में विभाग ने जारी किया नया निर्देश व्हाट्सएप पर दिन में दो बार बनेंगे हाजिरी जाने कैसे?

आदेश वापसी के लिए शिक्षक गोलबंद।
पटना। राज्य में कई जिलों के जिला शिक्षा कार्यालय में व्हाट्सएप्प पर दिन में दो बार शिक्षकों की हाजिरी जा रही है। शिक्षकों की हाजिरी उपस्थिति पंजी के जरिये जा रही है। यह शिक्षकों के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। शिक्षकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। बात वैशाली जिले से शुरू करते हैं। वैशाली के जिला के शिक्षा पदाधिकारी द्वारा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को दिये गये आदेश के मुताबिक हर स्कूल के शिक्षक-कर्मियों की उपस्थिति पंजी की दिन में दो बार व्हाट्सएप्प पर भेजी जानी है। एक बार सबेरे नौ से 9.30 बजे के बीच और दूसरी बार अपराह्न 3.30 से चार बजे के बीच | दूसरी ओर जहानाबाद के जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश के मुताबिक प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों तक के शिक्षक-कर्मियों की उपस्थिति पंजी की दिन में दो बार व्हाट्सएप्प पर भेजी जानी है। इसके साथ ही चेतना सत्र का फोटोग्राफ भी भेजना है। ऐसी ही व्यवस्था सहरसा जिले में भी की गयी है। व्हाट्सएप्प पर दिन में दो बार शिक्षक-कर्मचारियों की हाजिरी की व्यवस्था का परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ ने विरोध किया है। संगठन के अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवासी ने मुख्यमंत्री, शिक्षा विभाग के अपर मुख्यसचिव एवं बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना • निदेशक को ज्ञापन भेज कर व्हाट्सएप्प पर शिक्षक कर्मियों की हाजिरी लेने की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आग्रह किया है। इसके लिए सात कारण भी गिनाये गये हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक की अनुमति के बिना ही यह व्यवस्था लागू की गयी है।

यह भी पढ़ें - 80 हजार सरकारी स्कूलों के लिए वित्त विभाग ने शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जारी कर दिया निर्देश पत्र हुआ जारी।

पुरानी पेंशन योजना को देश भर के प्राथमिक शिक्षक करेंगे आंदोलन।
पटना। देश भर के प्राथमिक शिक्षक पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मुख्य मांग को लेकर आंदोलन पर उतरेंगे। यह निर्णय अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ की राष्ट्रीय कार्यसमिति ने लिया है। राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक रविवार को संगठन के अध्यक्ष रामपाल सिंह की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई। इसमें बिहार से बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार शामिल हुए। बैठक में सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा हू-ब-हू लागू करने, शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था समाप्त करने एवं समान स्कूल शिक्षा प्रणाली लागू करने संबंधी प्रस्ताव भी पारित हुआ। इन मांगों को लेकर 15 से 20 सितंबर के बीच जिला मुख्यालयों में, 15 नवबंर को राज्य मुख्यालयों में एवं बजट सत्र के पहले राष्ट्रीय स्तर शिक्षक आंदोलन करेंगे।

यह भी पढ़ें - शिक्षकों के जीन्स टी शर्ट पहनने पर शिक्षा विभाग ने लगाया रोक, राज्य के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षिकाओं व शिक्षकों को इस ड्रेस कोड का करना होगा पालन नही होगी विभागीय करवाई

हेडमास्टर देंगे सर्टिफिकेट 8वीं पास हर बच्चा स्कूल में 'पास| विशेष नामांकन अभियान में दाखिल बच्चों का लिया जा रहा ब्योरा।
पटना। राज्य के सरकारी स्कूलों में 9वीं कक्षा में दाखिले के लिए पंद्रह दिनों तक 'प्रवेशोत्सव' के नाम से चलाये गये विशेष नामांकन अभियान में नाम लिखाने वाले बच्चों की संख्या का ब्योरा लिया जा रहा है। इसके साथ ही 9वीं की पढ़ाई वाले सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से इस आशय के सर्टिफिकेट भी लिये जायेंगे कि पोषक क्षेत्र के 8वीं पास हर बच्चे 9वीं कक्षा में नामांकित हो चुके हैं। नामांकन का ब्योरा सरकारी स्कूलों से लिया जा रहा है। दाखिला लेने वाले बच्चों की बाबत यह जानकारी भी ली जा रही है कि आखिर गया। किस कारण से बच्चे 8वीं पास होने के • बावजूद 9वीं कक्षा में नामांकन से वंचित रह गये थे। ये बच्चे हाल में बिहार के बाहर से अपने गांव लौटे हैं या राज्य के ही दूसरे जिलों से ? उसी गांव के अनामांकित बच्चे हैं या उसी गांव के 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके बच्चे ? 8वीं पास इन चारों कोटि के बच्चों के लिए शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी के निर्देश पर राज्य भर में प्रवेशोत्सव' के नाम से एक जुलाई से विशेष नामांकन अभियान चलाया गया । 15 जुलाई तक चले अभियान का शुभारंभ शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने एक जुलाई को यहां राज्य स्तर पर किया ।

यह भी पढ़ें - सरकारी स्कूल के शिक्षकों को 5 करोड़ से ऊपर का मिला खुशियों का सौगात जान ले कैसे करना है खर्चा

विशेष नामांकन अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए हर जिले में नामांकन रथ निकले। रैलियां निकलीं तथा अधिकारियों एवं प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारी तय की गयी। जीविका दीदियों, शिक्षा सेवकों एवं जनप्रतिनिधियों सहित समाज के सभी वर्ग के लोगों का सहयोग लिया 18 प्रतिशत बच्चियां और 17 प्रतिशत बच्चे 8वीं के बाद 9वीं कक्षा में नामांकन नहीं लेते हैं। ऐसे बच्चों को चिन्हित कर इस अभियान के दौरान उन्हें एवं उनके अभिभावकों को उत्प्रेरित किया गया। अभियान को सफल बनाने के लिए 9वीं की पढ़ाई वाले 9,360 सरकारी स्कूलों के शिक्षक एवं उसके पोषक क्षेत्र के मिडिल स्कूलों के शिक्षक अपने अपने पोषक क्षेत्र के हर घर यह पता करने गये कि 8वीं पास कोई बच्चा कहीं 9वीं कक्षा में नामांकन से वंचित तो नहीं रह गया है। ऐसे बच्चों की पहले सूची बनी और उसके बाद उन्हें दाखिला दिलाया गया। हर जिले में जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ ही सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड साधन सेवी, मध्याहन भोजन के प्रखंड साधन सेवी एवं आईई के प्रखंड साधन सेवी भी स्कूल स्कूल घूमते रहे। बहरहाल, नामांकन का ब्योरा लेने के लिए फॉर्मेट जारी किये गये हैं। उसमें इस बात का भी उल्लेख किया जाना है कि नामांकित बच्चों में दिव्यांग बच्चे कितने हैं ? इसके साथ ही नामांकित छात्र छात्राओं की कोटि एवं आयु का भी जिक्र अनिवार्य रूप से किया जाना है


Buy Amazon Product