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राज्य के प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें अगले महीने से ही बायोमेट्रिक हाजिरी होगा शुरू अब करना होगा ऐसा।

राज्य के प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें अगले महीने से ही बायोमेट्रिक हाजिरी होगा शुरू अब करना होगा ऐसा।


विद्यालयों से गायब रहकर वेतन उठाने वाले शिक्षकों पर विभाग जल्द कसेगा नकेल
स्कूलों में सरकारी शिक्षकों की बनेगी बायोमेट्रिक हाजिरी
सासाराम l सरकारी कार्यालयों के बाद जल्द ही जिले के सभी सरकारी प्राथमिक, मध्य, उच्च व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में बायोमेट्रिक सिस्टम से हाजिरी बनेगी। डीएम के निर्देश पर इस पर काम शुरू हो गया है। पछली बैठक में डीएम ने बच्चों के पठन-पाठन के साथ शिक्षकों के विद्यालयों में समय पर उपस्थिति को ले विशेष निर्देश दिए थे। जिले के सभी 1275 प्राथमिक, 745 मध्य व 285 उच्च विद्यालयों में कार्यरत 10 हजार से ज्यादा शिक्षकों की डिजिटल हाजिरी बनाने पर विभाग काम कर रहा है। बताया जाता है कि सरकारी विद्यालयों में बायोमेट्रिक हाजिरी  बनाए जाने के बाद इसे ऐप पर लोड किया जाएगा। ऐप से जिला शिक्षा पदाधिकारी से लेकर विभाग के अन्य वरीय अधिकारी जुड़े रहेंगे। इसके माध्यम से पूरी निगरानी रखी जाएगी। इसमें गड़बड़ी करने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। ऐप में पूरी समय सारणी के साथ शिक्षकों का अटेंडेंस अपलोड होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारी इसे  मूर्त रूप देने में लगे हैं। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

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शिक्षा विभाग का मानना है कि नई पद्धति से हाजिरी बनने से ऐसे शिक्षकों पर नकेल कसेगा, जो बिना सूचना के स्कूल से गायब रहते हैं व पूरे • महीने का वेतन उठाते हैं। ऐसे शिक्षकों के आने-जाने का समय तकनीकी रूप से दर्ज होगा। समय से छेड़छाड़ करने की कोई गुंजाइश नहीं होगी। इस दिशा में शिक्षा विभाग भी सजग हो गया है। जल्द ही सभी विद्यालयों में उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक मशीन की सुविधा उपलब्ध होगी। शिक्षकों के विद्यालय में प्रवेश करने और घर जाते समय दोनों समय हाजिरी बनानी होगी। माना जा रहा है कि विभाग की इस पहल से सरकारी  विद्यालयों का बड़ा विवाद सुलझ जाएगा। दरअसल, प्रधान शिक्षक और अन्य शिक्षकों के बीच हाजिरी बनाने को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनेगा। कहते हैं अधिकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन लगाए जा रहे हैं। विभाग द्वारा विद्यालयों में भी इस व्यवस्था को लागू करने की बात कही गई है। पत्र मिलते ही सभी विद्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन लगाने का कार्य पूरा किया जाएगा। इससे शिक्षकों की मनमानी पर अंकुश लगेगा और छात्रों की सुचारू रूप से होगी पढ़ाई।

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नए शीर्ष बोर्ड की देखरेख में होंगे आगामी जेईई-मेन व एडवांस।
बोर्ड में 19 सदस्य, अगले दो साल की परीक्षाओं का जिम्मा
दो वर्षों तक यानी वर्ष 2022 और 2023 में आइआइटी सहित इंजीनियरिंग के अंडर ग्रेजुएट कोर्सों में दाखिले के लिए होने वाले जेईई (ज्वाइंट एंट्रेस एक्जाम) मेन और जेईई एडवांस के आयोजन की देखरेख का जिम्मा अब 19 सदस्यीय एक नए शीर्ष बोर्ड के पास होगा। राष्ट्रीय स्तर की इन परीक्षाओं के सुचारू आयोजन के लिए सरकार ने इस बोर्ड का गठन किया है। इसके चेयरमैन आइआइटी मद्रास के पूर्व निदेशक प्रोफेसर भास्कर राममूर्ति होंगे। बोर्ड का अपना एक सचिवालय भी होगा, जो इससे जुड़ी गतिविधियों पर पूरे समय काम करेगा।

शिक्षा मंत्रालय ने जेईई-मेन और जेईई-एडवांस को और पारदर्शी व बेहतर बनाने के लिए नए जेईई शीर्ष बोर्ड (जेईई एपेक्स बोर्ड) का गठन किया है। इससे पहले काम कर रहे बोर्ड का कार्यकाल 31 मार्च, 2022 को खत्म हो गया। नया बोर्ड पिछले बोर्ड की तुलना में काफी विस्तृत है। हर साल आठ से नौ लाख विद्यार्थी देते हैं जेईई मेन जेईई-मेन जैसी परीक्षा के आयोजन के लिए एपेक्स बोर्ड का गटन अहम है क्योंकि इस परीक्षा में हर साल देश के आठ से नौ लाख विद्यार्थी शामिल होते हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थी एक बार से ज्यादा इस परीक्षा में शामिल होते हैं। यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित होती है। बोर्ड की देखरेख में ही इसकी कटआफ भी तैयार की जाती है। बोर्ड की भूमिका काफी अहम हो जाती है।

इसके कामकाज को बेहतर बनाने के लिए कुछ नए उपाय भी किए गए हैं। खास बात यह है कि इस बोर्ड केपास जेईई-मेन से जुड़ी नीति, नियम व व्यवस्था देने का अधिकार होगा। साथ ही यह परीक्षा से जुड़े प्रशासनिक निर्णय लेने सहित वित्तीय व न्यायालय से जुड़े मामलों को भी देखेगा। बोर्ड का सदस्य सचिव नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के डायरेक्टर जनरल (डीजी) को बनाया गया है। जेईई मेन से ठीक पहले सरकार की ओर से गठित इस नए शीर्ष बोर्ड में आइआइटी खड़गपुर, मुंबई व गुवाहाटी के निदेशकों को भी रखा गया है। बोर्ड में एनआइटी व ट्रिपल आइटी के निदेशकों के साथ हरियाणा, बिहार, गुजरात व कर्नाटक सरकारों के एक-एक प्रतिनिधि, सीबीएसई चेयरमैन और शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव को भी रखा गया है। मालूम हो कि जेईई मेन के पहले चरण का आयोजन 20 जून से होना है, जबकि दूसरे चरण का आयोजन जुलाई में होना है।


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