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नियोजित शिक्षकों के कालबद्ध प्रोन्नति के लिए स्थापना ले नियोजन इकाई से मांगी शिक्षकों की सूचीनियोजित शिक्षकों के कालबद्ध प्रोन्नति के लिए स्थापना ले नियोजन इकाई से मांगी शिक्षकों की सूची राज्य के लाखों नियोजित शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी खबर आखिरकार मिल ही गया समय अत्यंत खुशी कि लहरराज्य के लाखों नियोजित शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी खबर आखिरकार मिल ही गया समय अत्यंत खुशी कि लहर सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी आठवें वेतन आयोग पर बड़ी खबर बढ़ेगी सैलरी अब होंगे 95 हजार वेतनसरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी आठवें वेतन आयोग पर बड़ी खबर बढ़ेगी सैलरी अब होंगे 95 हजार वेतन 80 हजार सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए अपर मुख्य सचिव ने जारी किया निर्देश अब ऐसे कटेंगे वेतन  इसे जल्द कर ले80 हजार सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए अपर मुख्य सचिव ने जारी किया निर्देश अब ऐसे कटेंगे वेतन इसे जल्द कर ले शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जारी किया निर्देश 15 नवंबर तक हर हाल में सरकारी स्कूल के शिक्षक कर ले अन्यथा विधि सम्मत होगी कार्यवाही पत्र हुआ जारीशिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जारी किया निर्देश 15 नवंबर तक हर हाल में सरकारी स्कूल के शिक्षक कर ले अन्यथा विधि सम्मत होगी कार्यवाही पत्र हुआ जारी राज्य के शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान कल से सभी सरकारी स्कूल में हो गए लागू शिक्षक को मिला आरामराज्य के शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान कल से सभी सरकारी स्कूल में हो गए लागू शिक्षक को मिला आराम

शिक्षकों के लिए हुआ आसान बच्चों को होमवर्क नहीं देना है ऑडियो वीडियो के माध्यम से होगी पढ़ाई

शिक्षकों के लिए हुआ आसान बच्चों को होमवर्क नहीं देना है ऑडियो वीडियो के माध्यम से होगी पढ़ाई

1)अगले सत्र से प्री-स्कूल कक्षाएं
2)कक्षा-2 तक के बच्चे स्कूल सिर्फ खेलने आएंगे, होमवर्क नहीं मिलेगा

देश के सभी सीबीएसई स्कूलों में अगले सत्र से प्री-स्कूली कक्षाएं शुरू होंगी। शिक्षा मंत्रालय ने बुनियादी शिक्षा का नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) बनाया है। सभी राज्य बोर्ड भी इसके मुताबिक पाठ्यक्रम बना सकेंगे। प्री-स्कूल में 3 साल के बच्चे को प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा 2 तक, यानी 8 साल की उम्र तक बच्चा स्कूल में सिर्फ खेलने जाएगा। उसे जो भी सिखाया जाएगा वह खेल-खेल में ही पढ़ाई जैसा होगा न कोई होमवर्क दिया जाएगा, न ही बस्ता होगा। देश के 50 केंद्रीय विद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गुरुवार से 'बालवाटिका' की शुरुआत की गई। बालवाटिका केंद्रीय विद्यालयों के प्री-स्कूल हैं, जिनमें 3 से 6 साल तक के बच्चों को लिया जाएगा। उसके बाद पहली और दूसरी कक्षा के बच्चे भी इसी कैटेगरी में आएंगे। नई शिक्षा नीति में मातृभाषा पर खासा जोर दिया। गया है। क्योंकि, छोटे बच्चे मातृभाषा में सबसे तेजी से सीखते-समझते हैं।

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राज्य के 1987 स्कूलों में बनेंगे आईसीटी लैब स्कूलों में छात्र अब ऑडियो-वीडियो, ग्राफिक्स प्रोजेक्टर से करेंगे पढ़ाई
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब स्मार्ट क्लास से सीखने का रोमांचक अनुभव मिलेगा। प्रोजेक्टर पर ऑडियो-वीडियो, ग्राफिक्स, कार्टून से लेकर अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सीखने-सिखाने के तरीके को आसान बनाएगी। इसके लिए स्कूलों में इंफॉर्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) लैब की स्थापना हो रही है। इसकी सहायता से विज्ञान, गणित जैसे विषयों के कठिन लगने वाले फॉर्मूलों से
लेकर विषयवस्तु की पेचीदगियों को आसानी से समझाया जा सकेगा। ICT@school के तहत राज्य के कुल 1987 स्कूलों में इसकी कराया जाएगा। स्थापना की जा रही है। इसमें 1203 प्रारंभिक स्कूल और 784 माध्यमिक विद्यालय हैं। जिलों से स्कूलों का चयन कर इसमें लैब को इंस्टॉल कराया जाएगा

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23 जिलों में इंस्टॉलेशन में आ रही बड़ी बाधा
इधर, पटना, मधुबनी, दरभंगा व समस्तीपुर समेत 23 जिलों के कुल 74 स्कूलों में आईसीटी लैब के इंस्टॉलेशन और संचालन में बड़ी बाधा आ रही है। इस कड़ी में तीन बड़ी बाधाएं सामने आ रही हैं। इसमें वर्गकक्ष की अनुपलब्धता, सुरक्षा कारण और संबंधित एचएम की रूचि नहीं लेना बड़ा कारण बनकर उभरकर आया है। अपर राज्य परियोजना निदेशक रवि शंकर सिंह ने सभी जिलों के को जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने का निर्देश दिया है।


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