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लाखों शिक्षकों को वेतन एवं बकाया एरियर के अभाव में भुखमरी की स्थिति,शिक्षकों ने चलाया 'प्रोटेस्ट विद पोस्टर कैंपेन'।

लाखों शिक्षकों को वेतन एवं बकाया एरियर के अभाव में भुखमरी की स्थिति,शिक्षकों ने चलाया 'प्रोटेस्ट विद पोस्टर कैंपेन'।

 पटना। बकायों सहित अद्यतन वेतन के लिए टीईटी-एसटीईटी शिक्षकों ने शनिवार को 'प्रोटेस्ट विद पोस्टर कैंपेन' चलाया। इस कैंपेन के जरिये राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस मनाया गया। 'प्रोटेस्ट विद पोस्टर कैंपेन' का आह्वान टीईटी-एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ (गोपगुट) ने किया था। इसके तहत टीईटी-एसटीई टी शिक्षकों ने स्कूलों और घरों से अपनी मांगों से संबंधित तख्तियों के साथ विरोध दर्ज करते हुए बकायों सहित अद्यतन वेतन के लिए दबाव बनाया।

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 संगठन के अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक और प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने कहा है कि सर्वशिक्षा मद से वेतन पानेवाले लाखों शिक्षकों का तीन माह से वेतन नहीं मिला है। सामंजन पूर्ण होने के बाद भी अधिकांश जिलों में शिक्षकों को हड़ताल अवधि का वेतन नहीं मिला है। हजारों नवप्रशिक्षित शिक्षकों का एरियर भी साल भर से लंबित है। नतीजतन, कोरोना संकट के इस दौर में शिक्षक आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं । लंबित वेतन और एरियर भुगतान से उनकी समस्याओं का एक हद तक समाधान हो सकता है।

इस बीच संगठन के संगठन के सचिव अमित कुमार, मो. नाजिर हुसैन व मीडिया प्रभारी राहुल विकास ने बकायों सहित वेतन के लिए अविलम्ब राशि जारी करने की मांग सरकार से करते हुए कहा है कि कोरोना आपदा राहत कार्य में शामिल शिक्षकों के लिए मेडिकल व आर्थिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित होनी चाहिये । कोषाध्यक्ष संजीत गुड्डू एवं सचिव मो. शाकिर इमाम ने कहा है कि महीनों तक वेतन रोके रखना मानवाधिकार उल्लंघन है।

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भारत के हालात विनाशकारी: डब्लूएचओ। 
 देश में हाहाकार मचा रही कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस अधोनम घेब्रेयेसस ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत में तेजी से बढ़ते मामलों से बेहद चिंतित हैं । जेनेवा में वर्चुअल ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा, % भारत में हालात विनाशकारी हैं जो याद दिलाते हैं कि वायरस क्या कर सकता है ।% घेब्रेयेसस ने कहा, आक्सीजन बेड्स और रेमडेसिविर प्रमुख जैसी आपातकालीन दवा की जबर्दस्त कमी ऐसा लगता है कि देश में हर दिन के साथ स्थिति हाथ से जा रही है। 

उन्होंने कहा कि वर्ष की उम्र वाले लोगों में तेजी से बढ़ रहा है । यह खतरे यह कोरोना के नए वैरिएंट संक्रामक होने का नतीजा हो दुनियाभर में टीकाकरण में की जरूरत है। डॉक्टर टेड्रोस ने हालातों के मद्देनजर दक्षिण पूर्व एशिया में सभी स्वास्थ्य उपायों के बीच गुजरते निकलती 25 से 59 संक्रमण की घंटी है । के ज्यादा सकता है।
तेजी लाने पूरी तरह से इस्तेमाल करने की दी है जिससे संक्रमण से होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम किया जा सके उधर, कई देशों में स्थित भारतीय मिशन वहां आक्सीजन व रेमडेसिविर इंजेक्शन और अन्य दवा के लिए कंपनियों से बात कर रहे हैं ।

आक्सीजन की आपूर्ति को लेकर यूएई, सिंगापुर और कुछ दूसरे दक्षिणी पूर्वी एशियाई से बात की जा रही है । रूस ने भी सलाह आक्सीजन आपूर्ति में मदद की पेशकश की है। भारतीय विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की मदद काफी महत्वपूर्ण हो सकती है । रूस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन देने का भी प्रस्ताव किया है जिसे भारत दो हफ्तों में पहुंचाई जा सकती है । ज्ञात रहे कि ईयू, ब्रिटेन और अमेरिका तीन ऐसे देश हैं जो भारत में वैक्सीन निर्माण में जरूरी कच्चे माल की आपूर्ति नहीं कर रहे । अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से गुरुवार को भी इस बारे में सवाल पूछा गया तो उनका रवैया टालने वाला था।


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