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अब शिक्षकों को प्रतिमाह ₹50000 मासिक करने का संकल्प हुआ जारी।

अब शिक्षकों को प्रतिमाह ₹50000 मासिक करने का संकल्प हुआ जारी।

विश्वविद्यालयों में 11 माह के लिए की जा सकेगी अतिथि शिक्षकों की बहाली।
1) प्रति माह 50 हजार रुपए मासिक करने का संकल्प जारी किया। 
2) यूजीसी के अनुरूप चयन समिति संरचना में हुआ संशोधन।
राज्य के विश्वविद्यालयों व अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के मानदेय को बढ़ाकर प्रति कक्षा 1500 रुपए और प्रतिमाह अधिकतम 50000 रुपए करने के राज्य मंत्रिमंडल के निर्णय को लेकर शिक्षा विभाग ने संकल्प जारी कर दिया है। संकल्प में इनकी नियुक्ति के लिए गठित कमेटी को यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक पुनर्गठित किया गया है। 

अब सरकारी स्कूल के शिक्षकों को नोट्स बनाना होगा क्लास वर्क एवं होमवर्क भी तैयार करना होगा गाइडलाइन हो गई जारी।

 

साथ ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी सेवा शर्त में भी आंशिक संशोधन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। अतिथि/ अंशकालिक शिक्षकों की नियुक्ति 11 माह के लिए की जा सकेगी एवं पुनः उनके कार्य निष्पादन मूल्यांकन के आधार पर अगले 11 माह के लिए चयन समिति द्वारा सेवा नवीकृत की जा सकेगी। विवि द्वारा गठित चयन समिति के अध्यक्ष कुलपति होंगे। कुलपित द्वारा नामित संबंधित विषय का एक विशेषज्ञ, संकाय व विभाग का अध्यक्ष और अनुसूचित जाति, जनजाति, अपिव, महिला, दिव्यांग श्रेणी का एक-एक शिक्षाविद चयन समिति के सदस्य होंगे।

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एक शिक्षिका सहित तीन महिलाओं की हुई मौत
जहानाबाद। जिले में कोरोना वायरस ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है । संक्रमण की चपेट में आकर तीन लोगों ने अपने प्राण गंवा दिए। तीनों मौत महिलाओं की हुई है । इधर मौत की सूचना पाकर जिले और शहर के लोग दहशत में हैं । प्राप्त सूचना के अनुसार सदर प्रखंड के रामदेव चक गांव निवासी अनिता कुमारी जो उसी गांव के विद्यालय में प्रधानाध्यापिका थी, उनकी मौत कोरोना वायरस के संक्रमण में आ जाने की वजह से एक शिक्षिका सहित तीन महिलाओं की हुई मौत। 

जहानाबाद। जिले में कोरोना वायरस ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है । संक्रमण की चपेट में आकर तीन लोगों ने अपने प्राण गंवा दिए। तीनों मौत महिलाओं की हुई है । इधर मौत की सूचना पाकर जिले और शहर के लोग दहशत में हैं । प्राप्त सूचना के अनुसार सदर प्रखंड के रामदेव चक गांव निवासी अनिता कुमारी जो उसी गांव के विद्यालय में प्रधानाध्यापिका थी, उनकी मौत कोरोना वायरस के संक्रमण में आ जाने की वजह से हुई है। वे अपने पति के इलाज के लिए पटना गई थीं । इसी दौरान ही वो कोरोना की चपेट में आ गयी और दो दिनों में ही उनकी स्थिति गंभीर हो गई । 

अन्ततः मंगलवार को उनकी मृत्यु हो गई । वहीं तीसरी शहर के उंटा मदारपुर निवासी सेवानिवृत शिक्षिका वीणा पाठक की मौत भी सोमवार को हो गई है ।
परिजनों ने बताया कि उन लोगों के आग्रह पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आकर वीणा पाठक की जांच की थी । जांच में मेडिकल टीम ने वीणा पाठक को कोरोना पाजिटिव बताया था । हालांकि वीणा पाठक की कोरोना से मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नहीं की है। बता दें कि चार दिन पहले जहानाबाद सदर प्रखंड के पंडूई सरपंच की मौत कोरोना से हुई थी । जिसकी पुष्टि आरटीपीसीआर जांच से हुई है ।


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