बड़ी खबरें

नियोजित शिक्षकों के अधिकार के लिए अब बलिदान देने को भी तैयार

नियोजित शिक्षकों के अधिकार के लिए अब बलिदान देने को भी तैयार

वेतनके लिएबलिदानमांगनेवालेअधिकारियों के समक्ष बलिदान भी देंगे साथी : मुक्तेश्वर। 
नियोजित शिक्षकों को कभी भी समय पर वेतन नहीं मिलता है। अगर कोई शिक्षक वेतन की मांग करते हैं तो अधिकारी डॉट फटकार लगाते हैं । यहां तक कि नौकरी लेने व जेल की सजा तक दिलवाने की बात से नहीं हिचकते हैं। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ डुमरांव के अध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद ने बताया

बिहार के साढे चार लाख नियोजित शिक्षकों के लिए खुशखबरी शिक्षा विभाग में आखिरकार बरसों बाद निकाल दिया आदेश।


 कि हम संवैधानिक व मानवाधिकार की रक्षा के संदर्भ में तीन माह के बकाया वेतन व बकाया वेतन तथा अन्य समस्याओं के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल किए और अधिकारियों द्वारा लिखित आश्वासन देने के बाद अधिकांश समस्याएं जस की तस बनी हुई है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हुए समझौते के बिन्दुओं पर पूछने पर अधिकारियों द्वारा डराया धमकाया जा रहा है। 

नौकरी लेने तथा जेल भेजने सहित अनेक तरह की असंवैधानिक बातें कहकर संविधान को ठेंगा दिखाते हुए हमारे संवैधानिक व मानवाधिकार को रौंदने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों के प्रताड़ना से मानसिक सामाजिक आर्थिक रूप से परेशान हो गया हूं। अधिकार को रौंदते देखना असह्य हो गया है और जीवन अधिकार रहा कि अपने अधिकारों को रौंदते देखने वाले शिक्षक किस अधिकार से दूसरों को वर्ग में या अन्य जगहों पर अधिकार की शिक्षा देंगे। 

आगे मुक्तेश्वर प्रसाद ने बताया कि अगर अधिकारी तथा सरकारी तंत्र समझते हैं कि शिक्षक के बलिदान देने के बाद संवैधानिक व मानवाधिकार मिलेगा तो यह बलिदान हम देंगे। 25 फरवरी तक सभी मामलों का निष्पादन नहीं हो पाता है तो 27 फरवरी को डीईओ कार्यालय के पास बलिदान देकर भारतीय सभ्यता और संस्कृति को बचाने का प्रयास होगा। 27 फरवरी 2003 को नियुक्ति पत्र मिला था इसलिए इस तिथि को बलिदान की तारिख रखी गई है। मानवाधिकार आयोग पटना को पत्र लिखकर सूचना दे दी गई है।

इसे भी पढ़ें। 
संघने विधायकों को सौंपाज्ञापन
दिनारा.टेट एसटेट उत्तीर्ण शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने स्थानीय विधायक विजय कुमार मंडल से मिल कर उन्हें शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया है. वहीं मांग पत्र सौंपा. संघ के प्रखंड अध्यक्ष ओमप्रकाश की अध्यक्षता में सौंपे गये मांग पत्र। 

आगामी विधानसभा सत्र में पुरुष शिक्षकों को भी अंतर जिला स्थानांतरण का लाभ देने, हड़ताल अवधि का वेतन और अंतर वेतन भुगतान के लिए राशि जारी करने, टेट शिक्षकों के लिए अलग संवर्ग स्थापित करने सहित अन्य मांग शामिल हैं. विधायक से शिक्षकों ने इन न्यायोचित मांग को विधानसभा में भी उठाने की बात कही है. मौके पर हरिओम तिवारी, शशांक कुमार तिवारी, अजीत राय, संजय कुमार सहित अन्य टेट शिक्षक उपस्थित थे।


Buy Amazon Product