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अब नियोजित शिक्षकों के हक में होगा फैसला, प्रधान सचिव को मिला जिले का संघीय अधिकार।

अब नियोजित शिक्षकों के हक में होगा फैसला, प्रधान सचिव को मिला जिले का संघीय अधिकार।

मोतिहारी : बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की जिला इकाई में जारी गतिरोध के बीच प्रदेश अध्यक्ष ने संघीय पदाधिकारियों के अधिकारों को तत्काल प्रभाव से शिथिल कर दिया है। इससे केवल प्रधान सचिव अबुल कमर को वंचित रखते हुए उन्हें जिला स्तर के सभी संघीय अधिकार दिए गए हैं।

बिहार के ट्रेंड नियोजित शिक्षकों के लिए हाईकोर्ट ने एक बार फिर राहत देते हुए खुशियों का सौगात दिया।

 

 इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने पत्र जारी कर कहा है कि जिला इकाई के कई पद धारक संघीय कार्य एवं नियोजित शिक्षक हित में कार्य करने के बजाय आपसी गतिरोध को बढ़ा रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधान सचिव को पत्र प्रेषित किया है।

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छठी से आठवीं कक्षा तक खुली उपस्थिति रही कम। 
गया। सोमवारको करीब 11 महीनों के बाद मध्य विद्यालय खोले जाने पर पहले दिन छा-छात्राओंकी उपस्थिति नदारद रही। राज्य सरकारके दिशा निर्देशानुसार कोविड-19 के गाइडलाइनका पालन करते हुए कक्षा छठी से आठवीं तक की कक्षाए शुरू कर दी गई। शहरी क्षेत्र के मधय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या कमोवेश कम दिखाई पड़ी। विद्यालय में विद्यार्थियों की 50 फीसदी उपस्थिति भी नहीं दिखाई दी।

 विद्यालय के शिक्षक अपने निर्धारित समयानुसार पहुंच चुके थे। लेकिन विद्यार्थियों की संख्या नहीं थी। कई विद्यालयों में इक्का-दुक्का विद्यार्थी पहुंचे हुए थे। कक्षा संचालनके लिए पूर्व से विद्यालय में बेंच और टेबल की समुचित साफ सफाई की व्यवस्था नहीं की गई
थी। इसी तरह जिलेके कमोवेश सभी मध य विद्यालय में बेहतर स्थिति नहीं दिखी। मुरारपुर मधय विद्यालय में विद्यार्थियोंको स्कूल खुलनेकी सूचना 2 दिन पूर्व दी गई थी। 

परंतु पहले दिन होने के कारण विद्यार्थी नहीं पहुंच सके। हालांकि शिक्षकों ने बताया कि एक-दो दिन के बाद विद्यालय विद्यार्थियों गुलजार रहेगा। लेकिन 11 बजे तक एक भी विद्यार्थी स्कूल परिसर में नही दिखाई पड़े। टेबल और कुर्सियों पर महीनों से धाल के परत चढ़े हुए थे। जिनकी साफ सफाई तक नहीं की गई। स्कूल खोलने के पूर्व भी विशेष साफ-सफाई नहीं कराई गई थी। हालांकि राज्य सरकारके दिशा निर्देशानुसार स्कूल खोलनेके पूर्व सभी विद्यालयों को सैनिटाइज करानेका आदेश दिया गया था।

 फिर भी इस आदेश की अवहेलनाकी गई और
आनन-फानन में विद्यालयों को खोला गया। वहीं कई विद्यालयों में जीविका के द्वारा मास्क उपलब्ध नहीं कराया गया है नतीजा है कि विद्यार्थी बिना मास्क पहने ही कक्षा में पहुंचे थे। वहीं शहर के पंचायती अखाड़ा स्थित अभ्यास मधय विद्यालय में कमोवेश यही स्थिति रही। शिक्षक अपने निर्धारित समय से पहुंचे हुए थे।

 लेकिन विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम दिखी। विद्यालय के प्रधान ने बताया कि विद्यालय खोलने के पूर्व पूरे परिसर को सैनिटाइज कर दिया गया है। विद्यार्थियों को मास्क पहनकर विद्यालय आने का निर्देश दिया गया है। राज्य सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा दिए गए गाइड लाइन के अनुसार विद्यालय में 50 फीसदी उपस्थिति कराई जा रही है।


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