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मिली खुशखबरी 7वें चरण की शिक्षक नियुक्ति से पहले 16 साल पूर्ण करने वाले नियोजित शिक्षकों को हो प्रोन्नति।

मिली खुशखबरी 7वें चरण की शिक्षक नियुक्ति से पहले 16 साल पूर्ण करने वाले नियोजित शिक्षकों को हो प्रोन्नति।

बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग के कार्यालय में सैपि ज्ञापन में सातवें चरण के नियुक्ति से पूर्व पंचायती राज संस्था एवं नगर निकाय संस्था अंतर्गत नियुक्त कार्यरत प्रारंभिक शिक्षकों को स्थानांतरण एवं प्रोन्नति देने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने बताया कि बिहार पंचायत प्रारंभिक शिक्षक नियोजन नियमावली 2006 एवं बिहार नगर निकाय प्रारंभिक शिक्षक नियोजन नियमावली 2006 यथा संशोधित नियमावली 2012 एवं 2020 में कार्यरत बेसिक ग्रेड के प्रारंभिक शिक्षकों को स्नातक योग्यताधारी होने पर 8 वर्ष सेवा पूर्ण करने के उपरांत स्नातक ग्रेड के शिक्षकों में प्रोन्नति देने का प्रावधान है।

साथ ही स्नातक ग्रेड में 5 साल सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों को मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति देने का प्रावधान है। वहीं, बेसिक ग्रेड के शिक्षकों को 12. साल की सेवा पूर्ण होने के उपरांत उन्हें स्नातक ग्रेड के वेतन उन्नयन का लाभ देने का भी नियम है। प्रदेश अध्यक्ष श्री पप्पू ने कहा कि 2006 में नियुक्त शिक्षक 16 साल की सेवा पूर्ण कर ली है, परंतु आजतक विभाग द्वारा शिक्षकों को प्रोन्नति नहीं दी है।

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जो शिक्षा विभाग की लापरवाही व मनमानी का द्योतक है। प्रोन्नति प्राप्त करने वाले शिक्षकों को उसका लाभ नहीं देना तथा चरणबद्ध शिक्षकों की बहाली करते जाना, प्रोत्रति हेतु निर्धारित रिक्तियों को समाप्त करने के समान है। श्री पप्पू ने स्पष्ट कहा कि लंबे अवधि से कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षिकाएं स्थानांतरण को लेकर परेशान हैं। नियमावली में ऐच्छिक स्थानांतरण का प्रावधान होने के बावजूद भी शिक्षकों का सोलह वर्ष के बाद स्थानांतरण नहीं करना तथा प्रोन्नति से वंचित रखा गया है।

5 महीने बाद भी हाई व इंटर स्कूलों के नोटिस बोर्ड पर शिक्षकों की तस्वीर लगाने का काम शुरू नहीं

स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था बेहतर करने को लेकर जिले के हाई व इंटर स्कूलों में शिक्षकों की रंगीन तस्वीर नोटिस बोर्ड पर चिपकाने का निर्देश दिया गया था लेकिन इस दिशा में अमल होता नहीं दिख रहा है। दरअसल जनवरी माह में ही विभाग ने जिले के सभी हाई व इंटर स्कूलों में शिक्षकों की रंगीन तस्वीर लगाने के साथ उनका मोबाइल नंबर तथा किस विषय के शिक्षक हैं नोटिस बोर्ड पर चिपकाने का आदेश दिया गया था। पांच माह बाद भी इस पर स्कूलों के प्रधान दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। हाई व इंटर स्कूलों में प्रॉक्सी शिक्षकों पर लगाम लगाने के लिए इस तरह की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। इनमें से फिलहाल किसी भी स्कूल में शिक्षकों की तस्वीर नोटिस बोर्ड पर चिपकाया नहीं है। खासकर उत्क्रमित स्कूलों में इसकी कमी देखने को मिल रही है।

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ग्रामीण क्षेत्रों के किसी भी स्कूल में देखने को नहीं मिल रहा है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी बीईओ को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि गर्मी की छुट्टी के बाद सभी स्कूलों में शिक्षकों के फोटो तथा उनका मोबाइल नंबर और विषय नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराया जाए। जिससे छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावक अपने शिक्षकों को पहचान सकेंगे। नई व्यवस्था शिक्षकों की स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जा सकेगी। बता दें कि, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के पत्र के निर्देश के अनुसार जिले के स्कूलों में प्रॉक्सी शिक्षक को लेकर चिंता प्रकट की गई थी। शिक्षकों की उपस्थिति आरटीआई के अनुपालन के लिए ग्रेड के अनुसार उनकी तस्वीर नोटिस बोर्ड पर चिपकाने का सुझाव दिया गया था। ताकि बच्चों और अभिभावक अपने शिक्षकों को पहचान सकें और इसके माध्यम से शिक्षकों की अनियमितता पर भी लगाम लगाई जा सके। डीईओ संजीव कुमार ने बताया कि निर्देश दे दिया गया है। शिक्षकों की तस्वीर लगी है तो ठीक है, अन्यथा जल्द से जल्द नोटिस बोर्ड पर तस्वीर लगवा कर विभाग को सूचित करना है।

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यू-डायस प्रपत्र नहीं भरने वाले स्कूलों का रजिस्ट्रेशन होगा रद्द

जिले में सरकारी व निजी स्कूल यू डायस प्रपत्र भरकर उसकी ऑनलाइन इंट्री में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। प्रखंड स्तर पर यू डायस की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी अभी तक सिर्फ 50 फीसदी स्कूलों ने यू डायस की ऑनलाइन इंट्री कराई है। जिले में सभी कोटि के 2100 स्कूल हैं। इनमें सरकारी स्कूलों की बात की जाए तो 1200 स्कूलों ने भरे हुए यू डायस बीआरसी को इंट्री के लिए उपलब्ध कराए। जिसमें 900 स्कूलों के भरे हुए यू डायस की इंट्री नहीं की गई है। पिछले दिनों बिहार शिक्षा परियोजना के एमआईएस के संभाग प्रभारी की ओर से निर्देश दिया गया था। जिसमें तय तिथि तक सभी स्कूलों के यू डायस की ऑनलाइन इंट्री का निर्देश दिया गया था। सभी प्रारंभिक, हाई व इंटर स्कूलों को यू डायस भरकर उसकी ऑनलाइन इंट्री कराना अनिवार्य है। निजी स्कूल भी यू डायस प्रपत्र भरने में फीसड्डी साबित हो रहे हैं। एमआईएस के संभाग प्रभारी की मानें तो अभी तक जिले के कई निजी स्कूल न तो यू डायस प्रपत्र भरने के लिए बीआरसी से प्राप्त किया है और न भरकर उसकी संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन इंट्री कराई है। इन स्कूलों ने यदि यू डायस प्रपत्र नहीं भरा और नाही ऑनलाइन इंट्री कराई तो इन निजी स्कूलों का यू डायस कोड रद्द करते हुए इन स्कूलों का रजिस्ट्रेशन रद्द की जा सकती है।


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