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राज्य परियोजना निदेशक ने 6 से 18 आयु वर्ग के सभी बच्चों के शिक्षकों के लिए जारी किया निर्देश

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उपर्युक्त विषयक अंकित करना है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा याचिका संख्या (सिविल) 132/2016 रजनीश कुमार पाण्डेय एवं अन्य बनाम भारतीय संघ एवं अन्य में पारित न्यायादेश के क्रियान्वयन हेतु दिनांक 24.05.2022 को अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग, बिहार सरकार की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN ) को जिला पदाधिकारी द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड से CWSN बच्चों की दिव्यांगता का प्रकार एवं दिव्यांगता का प्रतिशत का प्रमाणीकरण करा लिया जाए। इसके लिए प्रखण्ड स्तर पर तिथि निर्धारित कर 30.06.2022 तक यह कार्य पूर्ण करा लिया जाए। उक्त निर्णय के आलोक में अनुरोध है कि निम्नांकित बिन्दुओं पर शीघ्रतापूर्वक आवश्यक कारवाई की जाय: 

 

01. प्रत्येक प्रखण्ड के लिए समाज कल्याण विभाग का अधिसूचना संख्या- 1 / Sa.Su.Vi. Yo-02 / 2018 /513 दिनांक- 12.06.2019 ( छायाप्रति संलग्न) के आलोक में मेडिकल बोर्ड का गठन करते हुए जिला के प्रत्येक प्रखण्ड में शिविर का आयोजन किया जाए तथा दिव्यांग बच्चों का चिकित्सकीय प्रमाणीकरण कराया जाए। 

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02. दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के साथ ही UDID (Unique Disability Identity Card) भी जारी किया जाए। 

 

03. प्रत्येक प्रखण्ड के लिए आवश्यकतानुसार 1/2 / 3 दिन का कैम्प आयोजित किया जाए। 

 

04. उच्च आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों (CWSN Seeking High Support ) का भी प्रमाण-पत्र एवं UDID बनाने को प्राथमिकता दी जाए। 

 

05. बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability), विशिष्ट अधिगम दिव्यांगता (Specific Learning Disability) एवं आटिज्म (Autism Spectrum Disability) का भी प्रमाण-पत्र एवं UDID बनाने का विशेष ख्याल रखा जाए। 

 

06. प्रखण्डवार तिथि निर्धारण के पश्चात इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (SSA) की इसमें महत्ती भूमिका होगी। 

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07. प्रखण्ड स्तर पर निर्धारित तिथि एवं स्थान पर दिव्यांग बच्चों (06-18 वर्ष) को लाने की जिम्मेदारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (SSA) की होगी। दिव्यांग बच्चों के साथ विद्यालय के प्रधानाध्यापक / वरीय शिक्षक / RT/RP/BRP अवश्य रहेंगे। कक्षा 01 से 12 तक के वैसे दिव्यांग बच्चे जिनका दिव्यांगता प्रमाण-पत्र नहीं बना है, अनामांकित / छीजित दिव्यांग बच्चे जिनका पूर्व में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र नहीं बना है अथवा नवीकरण की आवश्यकता है, ही भाग लेंगे। जिन दिव्यांग बच्चों के पास दिव्यांगता प्रमाण-पत्र है उन्हें कैम्प में ले जाने की आवश्यकता नहीं है। 

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08. कैम्प आयोजन का चयन जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा असैनिक शल्य स्थल चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी से समन्वय स्थापित कर किया जाएगा। 

 

09. मेडिकल बोर्ड के सदस्यों, कैम्प में आए बच्चे उनके अभिभावक एवं संबद्ध कर्मी ( RT/RP/BRP/ शिक्षक) के लिए भोजन / पानी / चाय /शीतलपेय की व्यवस्था जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (SSA) के द्वारा किया जाएगा। 

 

10. कैम्प स्थल पर धूप / लू / आँधी / तूफान / उनका से बचाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। 

 

11. कैम्प स्थल पर सैनिटायजर / ग्लब्स / मारक / फर्स्ट एड की व्यवस्था स्वास्थ विभाग से समन्वय कर किया जा सकता है। इसके लिए पारा मेडिकल स्टाफ को आवश्यक दवाओं के साथ प्रतिनियुक्त किया जा सकता है। 

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12. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रा० शिक्षा एवं एस० एस० ए० इस कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी होंगे तथा दिव्यांग बच्चों को कैम्प तक लाने एवं वापस पहुँचाने के लिए वाहन की व्यवस्था करेंगे। इस कार्यक्रम पर होनेवाला व्यय AWP&B (2022-23 ) की स्वीकृति की प्रत्याशा में बजट शीर्ष Identification and Assessment (Medical Assessment Camps) तथा Environment Building Programme के तहत किया जाएगा। 

 

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायादेश के क्रियान्वयन हेतु दिव्यांग बच्चों का प्रमाणीकरण को गंभीरता से लिया जाए।


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