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राज्य परियोजना निदेशक ने जारी किया आदेश सफाई के लिए बधाई स्कूलों को पैसा।

राज्य परियोजना निदेशक ने जारी किया आदेश सफाई के लिए बधाई स्कूलों को पैसा।

पटना। स्कूलों में स्वच्छता गतिविधियों के लिए पैसा बढ़ गया है। कोरोना और अन्य संक्रमणों की रोकथाम में जल, साफ-सफाई व स्वच्छता के विशेष महत्व को देखते हुए समग्र शिक्षा अभियान के दिशा निर्देशों के तहत स्कूलों को मिलने वाले अनुदान के स्वच्छता घटक को 10 से बढ़ा कर 25 प्रतिशत तक कर दिया गया है। इसके लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक द्वारा गत जून माह में ही निर्देश जारी किये जा चुके हैं।

अब शिक्षकों को समय से वेतन एवं प्रोन्नति मिलेगी। -

 

 अब, जबकि स्कूल फिर से खुल गये हैं, इस अतिरिक्त राशि की मदद से बच्चों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ माता-पिता को तनावमुक्त रखने में भी मदद मिलेगी। 56 स्कूलों में यूनिसेफ के समर्थन से न्यूनतम स्पर्श वाले हैंडवाशिंग स्टेशनों का निर्माण किया गया है। इनमें पटना शहरी क्षेत्र के 16 तथा गया और पूर्णिया जिले के 20-20 स्कूल हैं। इसके अलावा सीएसआर फंड के जरिये 2.25
करोड़ की लागत से। 

पटना जिले में 300 स्कूलों में एल्बो- टच टैप वाले हैंडवाशिंग स्टेशन के निर्माण की प्रक्रिया में है।
यूनिसेफ की राज्य प्रमुख नफीसा बिन्ते शफीक स्कूलों
को खोलने के लिए सरकार को बधाई देती हुई कहती हैं कि मैं सभी लड़कियों और लड़कों के लिए बेहद खुश हूं। अब वेलनिंग पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। शिक्षकों का कुशल मार्गदर्शन लॉकडाउन के दौरान उनके अध्ययन के नुकसान
की भरपाई करने में मदद करेगा। 

लंबे समय तक स्कूल बंद रहने से जहां अधिकांश बच्चों में तनाव और मनोवैज्ञानिक समस्याएं देखी गयीं, वहीं कईयों को जबरन मजदूरी, कम उस में शादी, गाली-गलौज और घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ा। अब, जबकि स्कूल फिर से खुल गये हैं, वे अपने दोस्तों सहपाठियों के साथ खुशनुमा माहौल में पढ़ाई लिखाई शुरू करने के साथ-साथ मध्यान भोजन का लाभा ले सकेंगे। 

यूनिसेफ बिहार की शिक्षा विशेषज्ञ प्रमिला मनोहरन के अनुसार यूनिसेफ ने पांच जिलों-गया, पूर्णिया, नालंदा, सीतामढ़ी, दरभंगा और मधुबनी के 100 स्कूलों में उन्मुखीकरण कार्यक्रम सह-मॉक अभ्यास सत्र आयोजित किया है। प्रधानाध्यापकों को कक्षाओं में सभी अनिवार्य प्रक्रियाओं जैसे कक्षाओं में सुरक्षा निगरानी, स्कूल परिसर की समुचित साफ-सफाई के अलावा साबुन और थर्मामीटर उपलब्धता तथा पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर प्रशिक्षण दिया गया।

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हड़ताल अवधि के वेतन की मांग उठी। 
पटना। हड़ताल अवधि के वेतन एवं नवप्रशिक्षित शिक्षकों के अंतर राशि के भुगतान के लिए पंचायती राज एवं नगर निकाय शिक्षकों ने शिक्षा विभाग का दरवाजा खटखटाया है। इस बाबत शिक्षक अस्मिता बचाओ अभियान समिति की ओर शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव एवं प्राथमिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन दिया गया है । 

उसमें हड़ताल अवधि का वेतन एवं नवप्रशिक्षित शिक्षकों के अंतर राशि भुगतान हेतु आवंटन देते हुए यथाशीघ्र भुगतान की मांग की गयी है। ज्ञापन में समिति के प्रदेश प्रतिनिधि शशि रंजन सुमन ने ज्ञापन में कहा है कि राज्य के प्रारंभिक विधालयों में कार्यरत शिक्षकों द्वारा वर्ष 2020 के फरवरी-मार्च में किये गये हड़ताल के बाद उसका सामंजन कर लिए जाने के पश्चात भी राज्य के अधिकांश जिलों में आवंटन के अभाव में भुगतान लंबित है ।

 नवप्रशिक्षित शिक्षक जो जनवरी, मार्च व मई, 2019 में ही प्रशिक्षित हुए तथा उनका वेतन निर्धारण भी प्रशिक्षित शिक्षक के रूप में हो चुका है, परन्तु उनका अंतर राशि का भुगतान बर्षो से लंबित है ।


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