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शिक्षकों को मिली खुशखबरी सरकारी स्कूल के संचालन में हुआ भारी परिवर्तन जान ले अब कितने बजे तक स्कूल चलेगाशिक्षकों को मिली खुशखबरी सरकारी स्कूल के संचालन में हुआ भारी परिवर्तन जान ले अब कितने बजे तक स्कूल चलेगा 2006 से लेकर अब तक के नियोजित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर मिलेगी सरकारी राज्य कर्मी का दर्जा2006 से लेकर अब तक के नियोजित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर मिलेगी सरकारी राज्य कर्मी का दर्जा खुशखबरी शिक्षकों के लिए प्रारंभिक स्कूलों में शिक्षा विभाग ने अवकाश तालिक में हुआ भारी परिवर्तन जारी हुआ सूचीखुशखबरी शिक्षकों के लिए प्रारंभिक स्कूलों में शिक्षा विभाग ने अवकाश तालिक में हुआ भारी परिवर्तन जारी हुआ सूची प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक दिए गए लिंक पर जाकर जल्द सूचना प्राप्त कर लें आप कहीं छूट ना जाएंप्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक दिए गए लिंक पर जाकर जल्द सूचना प्राप्त कर लें आप कहीं छूट ना जाएं शिक्षकों को भी पुरानी पेंशन योजना शीघ्र लागू हो इस पर लिया गया बड़ा फैसलाशिक्षकों को भी पुरानी पेंशन योजना शीघ्र लागू हो इस पर लिया गया बड़ा फैसला सभी जिलों में शिक्षकों के लिए दिसंबर महीने का वेतन एवं अंतर राशि के लिए 11 अरब 92 करोड़ 85 लाख का हुआ आवंटन अब होगा भुगतानसभी जिलों में शिक्षकों के लिए दिसंबर महीने का वेतन एवं अंतर राशि के लिए 11 अरब 92 करोड़ 85 लाख का हुआ आवंटन अब होगा भुगतान

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने नियोजित शिक्षकों को 10 दिन का दिया मोहलत जल्द करें नहीं तो पछताना पड़ेगा।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने नियोजित शिक्षकों को 10 दिन का दिया मोहलत जल्द करें नहीं तो पछताना पड़ेगा।


शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में  मंगलवार को हुई वर्चुअल मीटिंग में सभी डीइओ को आदेश दिया गया कि छठे चरण में चयनित सभी 43 हजार से अधिक शिक्षकों के सभी तरह के शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र एनआइसी की वेबसाइट पर अपलोड  कर दिये जाएं. इस दौरान मुख्यालय पर मौजूद विभिन्न विशेषज्ञों ने सभी डीईओ व अन्य पदाधिकारियों को प्रेजेंटेशन के जरिये उसका तरीका भी समझाया. अपर मुख्य सचिव ने हिदायत दी कि प्रमाणपत्र अपलोड करने की समूची कवायद 10 दिनों में पूरी हो जानी चाहिए. इसके अलावा उन्होंने नव नियुक्त शिक्षकों के वेतन के संदर्भ में जरूरी हिदायत दी. चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज अपलोड होने से विभाग के पास ये हमेशा सुरक्षित रहेंगे. जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि प्रमाणपत्रों की जांच खत्म होने वाली है. पटना सहित कुछ जिलों में तो शिक्षकों के खाते भी खोलना शुरू कर दिया गया है. बताया गया कि बहुत जल्द वेतन भुगतान की कवायद शुरू कर दी जायेगी. इस मीटिंग में 150 करोड़ से अधिक के लंबित डीसी बिलों को ट्रेजरी में जमा करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के भुगतान 25-26 मई तक करने का निर्देश दिया गया. यह तिथि पूर्व निर्धारित है।

बिहार बोर्ड के पास नहीं है 2013 के पूर्व के मैट्रिक परीक्षाफल प्रकाशन की तिथि।
पटना | वर्ष 2013 के पूर्व आयोजित मैट्रिक परीक्षाओं के परीक्षाफल प्रकाशन की तिथि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पास उपलब्ध नहीं है। इस बाबत परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवासी ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से सूचना मांगी थी। मांगी गई सूचना में उन्होंने कहा था कि वर्ष 1990 से लेकर और 2022 तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक की परीक्षाओं के परीक्षाफल प्रकाशन की तिथि बताई जाए। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा प्रक्रियाधीन प्रधान शिक्षक नियुक्ति से संबंधित प्रकाशित विज्ञापन के माध्यम से अभ्यर्थियों से उनके मैट्रिक परीक्षा की तिथि मांगी गई है। बृजवासी द्वारा मांगी गई सूचना के उत्तर में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के लोक सूचना पदाधिकारी ने वर्ष 2013 से 2022 तक की मैट्रिक परीक्षाओं की परीक्षाफल प्रकाशन की तिथि उपलब्ध कराते हुए कहा है कि इसके पूर्व की परीक्षाओं के परीक्षाफल प्रकाशन की तिथि समिति में संधारित नहीं है।

6 वर्षों से फरार फर्जी से शिक्षक गिरफ्तार।
स्थानीय पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में लगभग 6 वर्षो से फरार फर्जी शिक्षक हरे कृष्ण यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. बताया जाता है कि सिमरी थाना अंतर्गत तवक्या राय के डेरा निवासी हरे कृष्ण यादव फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर शिक्षक बन गया था और ब्रह्मपुर के कन्या मध्य विद्यालय में उसका योगदान कराया गया था. फर्जीवाड़े की हद तो यह है कि हरे कृष्ण यादव फर्जी सर्टिफिकेट पर शिक्षक भी बन गया था और इसके साथ जन वितरण प्रणाली का दुकानदार भी था। शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों द्वारा जांच के दौरान इसके सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए थे. इसके अलावा हरे कृष्ण यादव के नाम पर जन वितरण प्रणाली की दुकान का लाइसेंस भी था. लेकिन दोनों दो व्यक्ति का अलग-अलग नाम होने का दावा करते हुए इसने फर्जीवाड़े की हद कर दी. अधिकारियों ने एक ही दिन और एक ही समय पर फर्जी शिक्षक सह डीलर हरे कृष्ण यादव को जांच के लिए तलब किया. इसके बाद तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रघुनाथ प्रसाद द्वारा हरे कृष्ण यादव के विरुद्ध ब्रह्मपुर थाने में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्रभारी थानाध्यक्ष राशिद कमाल ने बताया कि धोखाधड़ी के मामले में लगभग 6 वर्षो से फरार फर्जी शिक्षक हरे कृष्ण यादव को छापामारी कर गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया।


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