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केंद्र ने राज्य के शिक्षकों के वेतन मद में 14 सौ करोड़ की भारी कटौती कर दी है इससे सरकार के साथ-साथ शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ सकती है।

केंद्र ने राज्य के शिक्षकों के वेतन मद में 14 सौ करोड़ की भारी कटौती कर दी है इससे सरकार के साथ-साथ शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ सकती है।

केंद्र ने शिक्षकों के वेतन मद में 14 सौ करोड़ की कटौती की है, केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा योजना के तहत प्रारंभिक शिक्षकों के वेतन मद में 14 सौ करोड़ रुपये की कटौती कर दी है। इसी तरह स्कूली बच्चों को डिजिटल डिवाइस के लिए बिहार सरकार की प्रस्तावित राशि 26 सौ करोड़ रुपये को भी नामंजूर कर दिया है। इस प्रकार केंद्र ने शिक्षा मंत्री द्वारा डिजिटल डिवाइस मुहैया कराने हेतु समग्र शिक्षा योजना से राशि आवंटन करने की मांग को ठुकरा दिया है। शिक्षा विभाग ने बताया कि केंद्र से शिक्षकों के वेतन मद में 36 सौ करोड़ रुपये की स्वीकृत किया गया है, जबकि जरूरत पांच हजार करोड़ रुपये की है ।

केंद्रीय कर्मचारियों के साथ राज्य के नियोजित शिक्षकों को भी दो साल के DA का फायदा 32400 बढ़ सकती है सैलरी।

 

निगरानी जांच से छूटे 93000 शिक्षकों की नौकरी पर संकट।
17 जुलाई तक पोर्टल पर सर्टिफिकेट अपलोड नहीं किया तो जाएगी नौकरी 
 पटना। निगरानी जांच से छूटे 93 हजार शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटकी है। 17 जुलाई तक जिला के एनआईसी पोर्टल पर जो शिक्षक सभी जरूरी सर्टिफिकेट अपलोड नहीं करेंगे, उनकी बहाली फर्जी मानते हुए हटा दिया जाएगा। निगरानी जांच में सर्टिफिकेट फर्जी मिलने पर नौकरी से हटाने के साथ ही वेतन की रिकवरी भी होगी। बुधवार को इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी डीईओ और डीपीओ (स्थापना) को पत्र भेज दिया है।

 इसके पहले सभी जिलों के पोर्टल पर ऐसे लगभग 93 हजार नियोजित शिक्षकों के नाम, स्कूल अपलोड किए जा चुके हैं। अब इन शिक्षकों से उनका सर्टिफिकेट अपलोड कराना है। 2006 से 2015 तक विभिन्न नियोजन इकाइयों से बहाल शिक्षकों में 1.03 शिक्षकों के फोल्डर (शैक्षणिक और प्रशिक्षण सर्टिफिकेट) निगरानी को जांच के लिए नहीं मिले थे। बाद में पिछले दिनों समीक्षा में पाया गया कि इसमें अब 93 हजार शिक्षक ही ऐसे बचे हैं। पिछले काफी दिनों से जांच में छूटे शिक्षकों के नाम एनआईसी वेब पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा जा रहा था।


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