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नियोजित शिक्षकों पर सख्ती बरतते का फैसला शिक्षा विभाग ने किया है शिक्षा मंत्री ने एक बार फिर विवादित बयान दिया

नियोजित शिक्षकों पर सख्ती बरतते का फैसला शिक्षा विभाग ने किया है शिक्षा मंत्री ने एक बार फिर विवादित बयान दिया

शिक्षकों को जिस तरह से सुविधा मिल गई उस हिसाब से परिणाम नियोजित शिक्षकों से नहीं आ रही है हालांकि विभाग भी मानसा समझ रही है नियोजित शिक्षकों ने विभाग पर पर सवाल खड़े कर दी है सवाल यह अब जाकर सरकार को पता चला कि नियोजित शिक्षकों पढ़ाने लायक नहीं है।

बिहार कैबिनेट की बैठक कल  नियोजित शिक्षकों के हक में लिया जा सकता है फैसला। पढ़ें विभागीय पत्र

नियोजित शिक्षकों पर सख्ती के संकेत, पढ़ाई के परिणाम से खुश नहीं है विभाग, शिक्षकों ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल, पिछले 16 साल में बिहार में 3.5 लाख नियोजित शिक्षकों की बहाली इस बहाली के पीछे एक ही मकसद है कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था उसकी गुणवत्ता बढ़िया भविष्य की नींव ऐसे तैयार की जाए  सूबे का नाम रोशन लेकिन अब शिक्षा विभाग को लगता है कि नियोजित शिक्षकों से परिणाम नहीं आ रहे सरकार ने नीतीश जी ने भी , लोगों को इंक्रीमेंट या इसके पहले भी अगर आप द देखे तो कई एक बार बढ़ाया गया आप कितने एड्रेस करते हैं कितने बच्चे हैं तुम 3.5 लाख के प्रोटेक्शन करने के लिए और इनको इनको हम प्रोटेक्ट करते रहे लेकिन हमारे बच्चों की जो उनको गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ना मिल पाए तो यह तो उचित नहीं है

बिहार में अभी 3.5 लाख नियोजित शिक्षक सरकार की तरफ से सवाल उठ रहे बिहार में शिक्षा विभाग का बजट का बड़ा हिस्सा है जो पेंशन और वेतन पर खर्च हो जाता है अधिकारी और मंत्री को लगता है कि जिस हिसाब से कार्यरत शिक्षकों की वेतन बढ़ाई गई है उनसे आउटपुट यानी परिणाम नहीं निकल पा रहा है विभाग को यह लगता है कि सरकार इन शिक्षकों को हर तरह से सुरक्षा देती लेकिन छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलती शिक्षा मंत्री की माने तो नियोजित शिक्षकों से अगर परिणाम नहीं आता है तो काम नहीं चलेगा क्योंकि परिणाम देने का वक्त आ गया है सवाल पूछा कि क्या 16 साल बाद जाकर नींद खुली नीतीश कुमार जी के द्वारा इसे करना इस बहाली की प्रक्रिया शुरू की गई,, और लोग नियोजित किए गए नियोजित नियोजित का के शिक्षकों को अपमानित भी किया गया जो आज के 30 साल पहले शिक्षकों को जो वेतन और सुविधाएं मिल रही थी उस वेतन और सुविधा को घटाकर इन्होंने एक शिक्षक के वेतन में 3 शिक्षक हटाने का काम किया यह बात सही है

कि बिहार सरकार शिक्षा विभाग का बजट काफी बढ़ा दिया है एक बार फिर से बड़े पैमाने पर कुछ ही महीनों में नए 94000 कार्यरत शिक्षक बहाल होने जा रहे हैं लेकिन सवाल सिर्फ कार्य को वहीं खड़े नहीं होते कार्यरत क्वालिटी नहीं तो फिर उन्हें क्या जा रहा है बहाली कैसे हो रही है अब शिक्षा विभाग ने भी नियोजित शिक्षकों से काम करने के लिए काम करने की एवं पठन-पाठन में सुधार करने की नसीहत दे रही है ताकि बिहार में एक बार फिर से पढ़ाई का माहौल बन सके बेहतर हो सके. 


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