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बिहार के साढे चार लाख नियोजित शिक्षकों के लिए प्राथमिक निर्देशक डॉ० रंजीत कुमार सिंह ने पत्र किया जारी।

बिहार के साढे चार लाख नियोजित शिक्षकों के लिए प्राथमिक निर्देशक डॉ० रंजीत कुमार सिंह ने पत्र किया जारी।

सी० डब्लू जे0 सी0 सं0-17115/2019 रंजीत पंडित बनाम राज्य सरकार एवं अन्य (जनहित याचिका) के संबंध में। सी० डब्लू0 जे0 सी0 सं०-17115/2019 रजीत पंडित बनाम राज्य सरकार एवं अन्य (जनहित याचिका) में दिनांक-30.01.2020 को माननीय उच्च न्यायालय, पटना पारित आदेश के अनुपालनार्थ विभागीय स्तर पर बिनांक-08.01.2021 को आहूत बैठक में यह निर्णय लिया गया है। 

सभी स्कूल के शिक्षक सतर्क हो जाएं क्योंकि स्कूलों पर शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों द्वारा प्राथमिकी दर्ज होना शुरू हो गया है।

पंचायती राज संस्था एवं नगर निकाय संस्था के अंतर्गत वर्ष 2006 से 2015 तक की अवधि में नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्र की जांच हेतु अपेक्षित सहयोग कतिपय नियोजन इकाई के द्वारा नहीं किया जा रहा है। वैसे शिक्षकों के प्रमाण पत्र की जांच हेतु वैकल्पिक व्यवस्था किया जाना आवश्यक है। इस ध्येय से शिक्षा विभाग के अन्तर्गत एक वेब पोर्टल तैयार कराये जाने का निर्णय लिया गया है। वेबपोर्टल पर जिन शिक्षक के प्रमाण पत्र जाय हेतु अबतक प्राप्त नहीं हुए हैं।

उनकी जिलावार/प्रचण्डचार/नियोजन इकाईवार विवरणी संबंधित जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय के द्वारा अपलोड किया जायेगा। इस हेतु एक निर्धारित समय सीमा के अंदर संबंधित शिक्षक को अपने नियोजन हेतु निर्धारित न्यूनतम अर्हता का प्रमाण पत्र एवं अंक पत्र जो नियोजन के समय आवेदन पत्र के साथ संलग्न किया गया हो, को वेबपोर्टल पर अपलोड करना होगा। साथ ही उन्हें अपना नियोजन पत्र भी वेबपोर्टल पर अपलोड करना होगा।

विभाग द्वारा उक्त आशय का विज्ञापन शीघ्र ही प्रकाशित किया जायेगा। प्रकाशित विज्ञापन में निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत जो शिक्षक/ शिक्षिका अपना प्रमाण पत्र, अक पत्र एवं नियोजन पत्र की प्रति मेबपोर्टल पर अपलोड नहीं करेंगे, उनके संबंध यह माना जायेगा कि उन्हें उनकी नियुक्ति की वैधता के संदर्भ में कुछ नहीं कहना है तथा उनकी नियुक्ति को प्रथम दृष्टया अवैध / अनियमित मानकर कार्रवाई की जायेगी।

तदोपरांत शिक्षा विभाग के जिला कार्यालय के पदाधिकारी द्वारा ऐसे अवैध / अनियमित शिक्षकों की सूचना नियोजन इकाई को दी जाएगी। संबंधित नियोजन इकाई द्वारा संबंधित शिक्षक / शिक्षिका से एक स्पष्टीकरण पूछकर उनकी सेवा समाप्त करते हुए उनके द्वारा नियमित बतन / वेतनमान के रूप में प्राप्त राशि की वसूली लोक मांग वसूली अधिनियम के प्रावधान के तहत की जाएगी।

विदित हो कि उक्त वेबपोर्टल का लिंक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को भी दिया जाएगा ताकि अपलोड किए जाने वाले प्रमाण पत्र एवं अंकपत्र जो बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से संबंधित है, की Concurrent जांच उनके सर से की जा सके। निगरानी विभाग के स्तर पर पूर्व से उपलब्ध प्रमाण पत्रों की जांच हेतु बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा विशेष व्यवस्था की जाएगी। अतः उक्त निदेशित कार्रवाई ससमय किया जाना सुनिश्चित करेंगे


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