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78 हजार केंद्रीय राज्य कर्मियों को 188 करोड़ से ज्यादा दिवाली बोनस के रूप में बड़ी धनराशि मिलेगी।78 हजार केंद्रीय राज्य कर्मियों को 188 करोड़ से ज्यादा दिवाली बोनस के रूप में बड़ी धनराशि मिलेगी। राज्य के 80 हजार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को 18 अक्टूबर के होने वाले कार्यक्रमों के लिए निर्देशक प्राथमिक शिक्षा ने पत्र जारी कर दियाराज्य के 80 हजार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को 18 अक्टूबर के होने वाले कार्यक्रमों के लिए निर्देशक प्राथमिक शिक्षा ने पत्र जारी कर दिया बेसिक ग्रेड के नियोजित शिक्षकों को अब जल्द मिल सकेगा प्रमोशन का आ गया फैसला शिक्षकों में अत्यंत खुशी की लहरबेसिक ग्रेड के नियोजित शिक्षकों को अब जल्द मिल सकेगा प्रमोशन का आ गया फैसला शिक्षकों में अत्यंत खुशी की लहर सरकारी कर्मियों के साथ नियोजित शिक्षकों को भी सरकार ने दिया दिवाली से पहले धमाकेदार तोहफा DA में हुआ 4% की वृद्धिसरकारी कर्मियों के साथ नियोजित शिक्षकों को भी सरकार ने दिया दिवाली से पहले धमाकेदार तोहफा DA में हुआ 4% की वृद्धि हो जाएं सावधान, चहक कार्यक्रम में विभाग द्वारा भेजे गए सामग्री को गलत तरीके से लेने को लेकर शिक्षक हो रहे निलंबितहो जाएं सावधान, चहक कार्यक्रम में विभाग द्वारा भेजे गए सामग्री को गलत तरीके से लेने को लेकर शिक्षक हो रहे निलंबित 2015 तक के बहाल नियोजित शिक्षकों को स्नातक ग्रेड में होगा प्रोन्नत वरीता के आधार पर वेतन में होगी बढ़ोतरी2015 तक के बहाल नियोजित शिक्षकों को स्नातक ग्रेड में होगा प्रोन्नत वरीता के आधार पर वेतन में होगी बढ़ोतरी

पीएफ की ब्याज में 20% की होगी काफी वृद्धि 29 की होगी बैठक भी अपना जान ले कितना बढ़ेगा।

पीएफ की ब्याज में 20% की होगी काफी वृद्धि 29 की होगी बैठक भी अपना जान ले कितना बढ़ेगा।


पीएफ का 20% तक शेयर बाजार में हो सकता है निवेश।
अभी 15 फीसदी के निवेश की है सीमा, मिल सकता है ज्यादा ब्याज।
जल्द ही आपके पीएफ का 20 फीसदी हिस्सा शेयर बाजार में निवेश हो सकता है। इस प्रस्ताव को ईपीएफओ ट्रस्टी की बैठक में रखा जाएगा। यह बैठक 29 और 30 जुलाई को होगी। फिलहाल यह सीमा 5 से 15 फीसदी तक की है। कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) इस तरह की योजना बना रहा है।
ईपीएफओ की सलाहकार फाइनेंस ऑडिट एंड इन्वेस्टमेंट कमेटी (एफएआईसी) ने इसे मंजूरी दे दी है। इसे अब ट्रस्टी के केंद्रीय बोर्ड (सीबीटी) के पास ले जाया जाएगा। सीबीटी के प्रमुख केंद्रीय श्रम मंत्री हैं। ऐसा होता है, है तो हो सकता है कि आपको पीएफ पर ज्यादा ब्याज भी मिले हालांकि ट्रेड यूनियन इसका लगातार विरोध कर रही क्योंकि इस तरह केनिवेश पर सरकार की ओर से कोई गारंटी नहीं मिलती है।

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शेयर बाजार से मिला फायदा •
लोकसभा में सोमवार को मंत्री रामेश्वर तेली ने बताया, शेयर बाजार से जुड़ी स्कीम में 20 फीसदी तक निवेश बढ़ाने की मांग से संबंधित प्रस्ताव मिला है। 2020-21 में ईपीएफओ से जुड़ी इक्विटी स्कीम पर काल्पनिक रूप से 14.67 फीसदी का रिटर्न मिला था, जो कि 2021-22 में बढ़कर 16.27 फीसदी हो गया। हालांकि 2019-20 में इस पर 8.29 फीसदी का घाटा हुआ था।
1.04 लाख करोड़ का भुगतान।
2021-22 में ईपीएफओ ने 2.88 करोड़ दावों को निपटाया था। इसके तहत 1.04 लाख करोड़ रुपये की रकम का भुगतान इसके सदस्यों को किया गया था। इसी तरह से 2020-21 में कुल 2.33 करोड़ ग्राहकों को दावे के रूप में 91, 187 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। 2019-20 में 1.28 करोड़ दावों के तहत 70,202 करोड़ रुपये सदस्यों को दिया गया था।

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विश्वविद्यालयों से करायी जा रही अनियमितताओं की जांच।
पटना। संबद्ध डिग्री कॉलेजों में अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों की संबंधित विश्वविद्यालयों के माध्यम से करायी जा रही है। जांच के बाद विश्वविद्यालयों से रिपोर्ट भी मांगे जा रहे हैं। अधिकांश शिकायतें शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के बीच अनुदान राशि के भुगतान में गड़बड़ी एवं वित्तीय अनियमितता से संबंधित हैं। इसका विरोध  करने वाले शिक्षकों को प्रबंधन द्वारा प्रताड़ित करने एवं उसकी मनमानी से संबंधित शिकायतें भी हैं। ऐसी शिकायतें वर्षों से विभिन्न माध्यमों सैंकड़ों की तादाद में पहुंच रही हैं। शिकायतें मुख्यमंत्री सचिवालय जांच और काररवाई के लिए शिक्षा विभाग को ही भेजी जाती हैं। अनुदान और अनियमितताओं से संबंधित शिकायतों की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साल भर में शिकायतों की संख्या छह सौ के पार पहुंच जा रही हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार हर शिकायत को शिक्षा विभाग द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच और काररवाई के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों के भेजने के साथ ही उसकी रिपोर्ट भी ली जाती है।

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राज्य में संबद्ध डिग्री कॉलेजों की संख्या तकरीबन 227 है। जिन विश्वविद्यालयों के अधीन संबद्ध डिग्री कॉलेज संचालित हैं, उनमें पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, बी. आर. ए. बिहार विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय एवं मुंगेर विश्वविद्यालय शामिल है
दरअसल, सम्बद्ध डिग्री कॉलेजों को उसके छात्र छात्राओं के श्रेणीवार स्नातक अनुदान देने की व्यवस्था है। अनुदान राशि कॉलेजों को इस शर्त के साथ दी जाती है कि नियुक्त भुगतान विधिवत कर्मियों को किया जायेगा। इसके लिए प्रावधान तय हैं। कॉलेजों द्वारा अपने छात्र छात्राओं के श्रेणीवार स्नातक परीक्षाफल के आधार पर अनुदान का प्रस्ताव विश्वविद्यालय के माध्यम से शिक्षा विभाग को सौंपा जाता है। कॉलेजों को अनुदान राशि भी अपने विश्वविद्यालय के माध्यम से मिलती है । तय प्रावधानों के तहत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को भुगतान के बाद यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट भी कॉलेजों द्वारा अपने विश्वविद्यालय के माध्यम से ही शिक्षा विभाग को सौंपा जाते हैं


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