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शिक्षकों को मिली खुशखबरी सरकारी स्कूल के संचालन में हुआ भारी परिवर्तन जान ले अब कितने बजे तक स्कूल चलेगाशिक्षकों को मिली खुशखबरी सरकारी स्कूल के संचालन में हुआ भारी परिवर्तन जान ले अब कितने बजे तक स्कूल चलेगा 2006 से लेकर अब तक के नियोजित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर मिलेगी सरकारी राज्य कर्मी का दर्जा2006 से लेकर अब तक के नियोजित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर मिलेगी सरकारी राज्य कर्मी का दर्जा खुशखबरी शिक्षकों के लिए प्रारंभिक स्कूलों में शिक्षा विभाग ने अवकाश तालिक में हुआ भारी परिवर्तन जारी हुआ सूचीखुशखबरी शिक्षकों के लिए प्रारंभिक स्कूलों में शिक्षा विभाग ने अवकाश तालिक में हुआ भारी परिवर्तन जारी हुआ सूची प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक दिए गए लिंक पर जाकर जल्द सूचना प्राप्त कर लें आप कहीं छूट ना जाएंप्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक दिए गए लिंक पर जाकर जल्द सूचना प्राप्त कर लें आप कहीं छूट ना जाएं शिक्षकों को भी पुरानी पेंशन योजना शीघ्र लागू हो इस पर लिया गया बड़ा फैसलाशिक्षकों को भी पुरानी पेंशन योजना शीघ्र लागू हो इस पर लिया गया बड़ा फैसला सभी जिलों में शिक्षकों के लिए दिसंबर महीने का वेतन एवं अंतर राशि के लिए 11 अरब 92 करोड़ 85 लाख का हुआ आवंटन अब होगा भुगतानसभी जिलों में शिक्षकों के लिए दिसंबर महीने का वेतन एवं अंतर राशि के लिए 11 अरब 92 करोड़ 85 लाख का हुआ आवंटन अब होगा भुगतान

बीपीएससी के तहत होने वाले नियोजित शिक्षकों की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए इन प्रमाण पत्र को बनवाना होगा, लिंक हुआ जारी।

बीपीएससी के तहत होने वाले नियोजित शिक्षकों की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए इन प्रमाण पत्र को बनवाना होगा, लिंक हुआ जारी।

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने राज्य के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक की नियुक्ति के लिए 31 मई को होने वाली परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिया। यह परीक्षा एक पाली में दोपहर 12 से दो बजे तक आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट www.bpsc.bih.nic. in से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते है। परीक्षा में प्रवेश साढ़े दस बजे से आरंभ होगी। साढ़े 11 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। आयोग के संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ अभ्यर्थियों का फोटो व हस्ताक्षर अस्पष्ट, अपठनीय एवं रिक्त है। उन्हें साक्ष्य एवं आवश्यक कागजात के साथ संबंधित परीक्षा केंद्रों पर केंद्राधीक्षकों को समर्पित करना होगा। वहां ई-प्रवेश पत्र पर आवश्यक कार्रवाई के बाद परीक्षा में बैठने की कार्रवाई होगी।

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पढ़ाई में बेटों के मुकाबले बेटियों ने बनाई बढ़त : सर्वे
1)भाषा से लेकर गणित तक सभी विषयों में बेटियों का औसत स्कोर ज्यादा ।
2) शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में सीखने की क्षमता का अंतर घटा।
जिस भारतीय समाज में बेटियों को बेटों के मुकाबले पढ़ाने में कम तवज्जो दी जाती रही है, वहीं अब बेटियां पढ़ाई में बेटों से आगे निकल गई हैं। स्कूली शिक्षा में होने वाले बदलावों के साथ बच्चों के सीखने की क्षमता को जांचने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कराए सर्वेक्षण में बेटियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर न सिर्फ सभी को चौंकाया है, बल्कि ज्यादातर स्तरों पर बेटों को पीछे भी छोड़ दिया है। साइंस, अंग्रेजी व मार्डन इंडियन लैंग्वेज जैसे विषयों में तो उन्होंने बेटों को काफी लंबे अंतर से पछाड़ा है। बेटियों ने स्कूली शिक्षा में अपना परचम तब लहराया है, जब सरकार 'बेटी पढ़ाओ' की एक बड़ी मुहिम छेड़े हुए है।

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नेशनल अचीवमेच सर्वे (एनएएस ()-2021 की रिपोर्ट के मुताबिक शिक्षा स्कूली के बदलावों का पता लगाने के लिए जेंडर आधार पर भी स्कूली बच्चों के प्रदर्शन को जांचा गया। इस दौरान पाया गया कि जिन स्तरों पर इन बदलावों को जांचने के लिए परीक्षा कराई गई थी, उनमें से एक या दो विषयों को छोड़ दे, तो सभी स्तरों पर व सभी सभी विषयों में बेटियों के अंकों का राष्ट्रीय औसत बेटों से ज्यादा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक तीसरी कक्षा में भाषा की परीक्षा में बेटियों के अंकों का राष्ट्रीय औसत कुल पांच सौ अंकों में से 323 था जबकि बेटों का 318 ही था। इसी तरह तीसरी कक्षा में गणित की परीक्षा में बेटियों के अंकों का राष्ट्रीय औसत 301 था, वहीं बेटों का 300 अंक ही था। वहीं दसवीं कक्षा के प्रदर्शन को देखें तो मार्डन इंडियन लैंग्वेज विषय में बेटियों के अंकों का राष्ट्रीय औसत 255 था जबकि बेटों का 247 था। दसवीं के अंग्रेजी विषय की परीक्षा में बेटियों का राष्ट्रीय औसत अंक 294 था, जबकि बेटों को 288 अंक ही मिले थे


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