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खरमास खत्म होने के साथ ही नियोजित शिक्षकों को आखिरकार शिक्षा विभाग का दरवाजा खटखटाना ही पड़ा : डॉ रंजीत कुमार सिंह।

खरमास खत्म होने के साथ ही नियोजित शिक्षकों को आखिरकार शिक्षा विभाग का दरवाजा खटखटाना ही पड़ा : डॉ रंजीत कुमार सिंह।

पटना। पंचायतीराज एवं नगर निकाय शिक्षकों ने अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए शिक्षा विभाग का दरवाजा खटखटाया है।

परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ के कार्यकारी प्रदेश संयोजक नवनीत कुमार एवं प्रदेश संगठन महामंत्री शिशिर कुमार पाण्डेय ने मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव, शिक्षा मंत्री शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव एवं प्राथमिक शिक्षा निदेशक को सम्बोधित ज्ञापन उनके कार्यालय को सौंपा है । 

ज्ञापन में प्रारंभिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए काउंसलिंग व नियुक्ति पत्र देने की तिथि तय करने, अप्रशिक्षित प्रारंभिक शिक्षकों की सेवा समाप्ति पर रोक लगाते हुए उन्हें प्रशिक्षित करने, पुरुष शिक्षकों को भी ऐच्छिक स्थानान्तरण का लाभ देने, नवप्रशिक्षित शिक्षकों के वेतन निर्धारण में हुई त्रुटियों का ससमय निराकरण करने, पांच सितंबर-2019 की तिथि को सामंजित कर उस दिन का वेतन भुगतान करने, सभी प्रकार के बकायों का भुगतान करने, सारण जिले में वेतन निर्धारण में उत्पन्न समस्याओं को निपटाने एवं सेवाकाल में मृत शिक्षकों के आश्रितों की अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की मांग की गयी है ।

सरकारी शिक्षकों को बाहरी काम से किया जाए मुक्त

दरभंगा : बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 एवं अप्रैल 2010 के अधिनियम की धारा 27 के तहत प्राथमिक शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य में लगाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। बावजूद इसके समाहरणालय का कंप्यूटर सेक्शन हो या फिर बीडीओ साहब का शिक्षक नियोजन कोषांग हो। सभी स्थानों पर प्राथमिक शिक्षक काम करते हुए मिल जाएंगे। जब पदाधिकारी ही प्राथमिक शिक्षकों को और शैक्षणिक कार्य में लगा रहे हों तो भला बीईओ साहब पीछे क्यों रहें । उन्होंने तो अपनी मोटरसाइकिल चलाने के लिए भी कई शिक्षकों को प्रतिनियुक्त कर रखा है । इसका दो-दो लाभ है । शिक्षक को पता है कि कौन शिक्षक स्कूल में है और कौन शिक्षक मटरगश्ती कर रहा है। 

वह शिक्षक बिचौलिया बन कर बीईओ साहब को बिना सामने लाए उनकी जेब भी भर देता है । लेकिन अब ऐसे प्रतिनियोजन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है । यहां तक की मतदाता सूची के निर्माण, पुनरीक्षण का काम भी केवल अवकाश के दिन में ही करने का निर्देश दिया गया है । जिससे की शिक्षक के शैक्षणिक गतिविधि पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़े । केवल चुनाव संबंधी कार्य में ही प्रतिनियोजन की अनुमति दी गई है । प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ रंजीत कुमार सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजे गए कड़े निर्देश में कहा है कि कसी भी स्तर पर कोई भी पदाधिकारी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति किए हुए हैं तो उसे अविलंब रद्द कर दिया जाए । 

उन्होंने शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति रद्द करते हुए 22 जनवरी तक अनुपालन प्रतिवेदन तलब किया है । जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ महेश प्रसाद सिंह ने कहा कि जिले में किसी भी स्तर पर किए गए शिक्षकों के प्रतिनियोजन को पहले ही रद्द कर दिया गया है । संबंधित शिक्षा पदाधिकारियों से प्रतिनियोजन रद्द कर सभी शिक्षकों को मूल विद्यालय में योगदान का प्रतिवेदन ले लिया गया है।


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