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बिहार में एक बार फिर समान काम समान वेतन को लेकर धरना प्रदर्शन हुआ शुरू।

बिहार में एक बार फिर समान काम समान वेतन को लेकर धरना प्रदर्शन हुआ शुरू।

कोरोना काल में कैजुअल कर्मचारियों को बिना किसी सूचना के बैठा दिया गया है। इस दौरान कोई भुगतान नहीं किया गया। कैजुअल कर्मचारियों के भुगतान का कोई स्ट्रक्चर नहीं है।धरने के बारे में हमने प्रबंधन को जानकारी दे दी है। - डीके सिंह, सलाहकार, टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर, पटना।

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पटना : 'समान काम, समान वेतन' की मांग को लेकर पाटलिपुत्र टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर में काम करने वाले लगभग 50 अस्थायी कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें 'समान काम को लेकर समान वेतन', टेक्नीशियन टू का वेतन, नौकरी की गारंटी, पीएफ और ईएसआइसी की सुविधा दी जाए। उनका आरोप था कि अस्थायी कर्मचारियों का शोषण किया जाता है। हर समय निकाल देने की धमकी दी जाती है।

किसी भी तरह का परिचयपत्र अभी तक नहीं दिया गया है। कोई नियुक्ति पत्र भी नहीं दिया गया है। यहां काम करने वाले सतीश कुमार सिन्हा ने बताया कि उनका दो माह
का वेतन भी रोक दिया गया है। अब उनकी अटेंडेंस भी पंचिंग से नहीं ली जा रही है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि वर्ष 2015 में एमएसएमई दिल्ली ट्रेनिंग के हेड आरके राय और जमशेदपुर एमएसएमई सेंटर के प्रबंधन द्वारा स्थायी नियुक्ति की जाने की बात कही गई थी।

पटना। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय ने शिक्षा विभाग को 36 करोड़ 25 लाख 84 हजार 237 रुपये का हिसाब नहीं दिया है। यह राशि सम्बद्ध डिग्री कॉलेजों के अनुदान मद की है।

यह मामला शिक्षा विभाग में शनिवार को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक में उठा। विभाग के डॉ. मदन मोहन झा स्मृति सभागार में समीक्षा बैठक घंटों चली। इसकी अध्यक्षता शिक्षा सचिव असंगबा चुबा आओ ने की। समीक्षा बैठक में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति भी थे । सम्बद्ध कॉलेजों हेतु स्नातक शैक्षिक सत्र 2009-12 एवं 2010 13 के लिए 34 करोड़ 58 लाख 66 हजार 400 रुपये तथा स्नातक शैक्षिक सत्र 2008-11 के लिए एक करोड़ 67 लाख 17 हजार 837 रुपये की दी गयी।

राशि के यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट के लिए विश्वविद्यालय ने समय लिया है। 34 करोड़ 58 लाख 66 हजार 400 रुपये का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट विश्वविद्यालय एक सप्ताह में देगा। बाकी एक करोड़ 67 लाख 17 हजार 837 रुपये का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट विश्वविद्यालय मार्च तक देगा। बैठक में विश्वविद्यालय से सम्बद्ध डिग्री कॉलेजों के प्रधानाचार्यों के मोबाइल नम्बर एवं ई-मेल आईडी भी मांगे गये ।

विश्वविद्यालय में तकरीबन 45 सम्बद्ध डिग्री कॉलेज हैं। बैठक में और भी कई निर्णय लिये गये हैं। बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. रेखा कुमारी, उपनिदेशक अजीत कुमार, डॉ. दीपक कुमार सिंह, शाश्वतानंद झा, विनय कुमार एवं प्रदीप कुमार सहित शिक्षा विभाग एवं विश्वविद्यालय के सभी संबंधित अधिकारी शामिल थे।

आठ फरवरी को मुंगेर विश्वविद्यालय, 10 फरवरी को भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, 12 फरवरी को पूर्णिया विश्वविद्यालय एवं 15 फरवरी को तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक होनी है । विश्वविद्यालयों की तमाम लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालयवार समीक्षा बैठक की जा रही है।


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