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शिक्षकों को मिली खुशखबरी सरकारी स्कूल के संचालन में हुआ भारी परिवर्तन जान ले अब कितने बजे तक स्कूल चलेगाशिक्षकों को मिली खुशखबरी सरकारी स्कूल के संचालन में हुआ भारी परिवर्तन जान ले अब कितने बजे तक स्कूल चलेगा 2006 से लेकर अब तक के नियोजित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर मिलेगी सरकारी राज्य कर्मी का दर्जा2006 से लेकर अब तक के नियोजित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर मिलेगी सरकारी राज्य कर्मी का दर्जा खुशखबरी शिक्षकों के लिए प्रारंभिक स्कूलों में शिक्षा विभाग ने अवकाश तालिक में हुआ भारी परिवर्तन जारी हुआ सूचीखुशखबरी शिक्षकों के लिए प्रारंभिक स्कूलों में शिक्षा विभाग ने अवकाश तालिक में हुआ भारी परिवर्तन जारी हुआ सूची प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक दिए गए लिंक पर जाकर जल्द सूचना प्राप्त कर लें आप कहीं छूट ना जाएंप्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक दिए गए लिंक पर जाकर जल्द सूचना प्राप्त कर लें आप कहीं छूट ना जाएं शिक्षकों को भी पुरानी पेंशन योजना शीघ्र लागू हो इस पर लिया गया बड़ा फैसलाशिक्षकों को भी पुरानी पेंशन योजना शीघ्र लागू हो इस पर लिया गया बड़ा फैसला सभी जिलों में शिक्षकों के लिए दिसंबर महीने का वेतन एवं अंतर राशि के लिए 11 अरब 92 करोड़ 85 लाख का हुआ आवंटन अब होगा भुगतानसभी जिलों में शिक्षकों के लिए दिसंबर महीने का वेतन एवं अंतर राशि के लिए 11 अरब 92 करोड़ 85 लाख का हुआ आवंटन अब होगा भुगतान

कर्मचारियों को ईपीएफओ खाता महंगाई सूचकांक-भत्ते से जुड़ेगा जान ले अब कितना बढ़ जाएगा।

कर्मचारियों को ईपीएफओ खाता महंगाई सूचकांक-भत्ते से जुड़ेगा जान ले अब कितना बढ़ जाएगा।

केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत वेतन सीमा को महंगाई सूचकांक या महंगाई भत्ते से जोड़ सकती है। इससे वेतन सीमा में एक निश्चित समय के बाद बदलाव किया जा सकेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ईपीएफओ खाते की वेतन सीमा को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, महंगाई भत्ता या मध्यम वेतन से जोड़ने पर विचार कर रही है। इनमें से सही विकल्प चुनने के लिए सरकार विशेषज्ञ कमेटी का गठन कर सकती है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर श्रम मंत्रालय हितधारकों से परामर्श के बाद अंतिम विकल्प चुनेगा। मौजूदा व्यवस्था के तहत 15 हजार के मूल वेतन के आधार पर नियोक्ता को कर्मचारी के खाते में 12% योगदान देना होता है। सरकार भी हर कर्मचारी के लिए 1.16% योगदान कर्मचारी पेंशन योजना में करती है।
अंशदान घटेगा - बढ़ेगा
नई व्यवस्था के तहत वेतन सीमा महंगाई दर या चुने गए अन्य किसी विकल्प के आधार पर तय होगी। इससे वेतन सीमा कभी ज्यादा तो कभी कम होगी। इस बदलाव से कर्मचारी के खाते में जमा होने वाली योगदान राशि भी कम-ज्यादा होगी। साथ ही नियोक्ता और सरकार पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

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बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता जांच के लिए डीएम ने खुद चखा भोजन।
बरोरह उत्क्रमित हाई स्कूल में टीचर की तरह बच्चों से रूबरू हुए डीएम।
डीएम डॉ० त्यागराजन ने गुरारू प्रखंड के बरोरह में बुधवार को सुबह 10 बजे के करीब उत्क्रमित हाईस्कूल बरोरह का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम एक स्कूल टीचर की तरह बच्चों से रूबरू हुए और उनसे कई सवाल भी पूछे। उन्होंने बच्चों से स्कूल की व्यवस्था की जानकारी ली। सबसे पहले नवम क्लास में स्मार्ट क्लास का जायजा लिया। इसके बाद चौथी, पांचवीं व छठी क्लास के बच्चों से मिले।चौथी क्लास में बच्चों से नाम पूछने पर सभी बच्चों ने डीएम को इंग्लिश में अपना नाम बताया। डीएम ने इस पर बच्चों व संबंधित टीचर की सराहना की। इसके बाद बच्चों को दिए जाने वाली भोजन की गुणवत्ता कैसी है, यह परखने के लिए डीएम ने भोजन भी चखा। डीएम ने बच्चों से पूछा मेन्यू के अनुसार आपलोगों को भोजन मिलता है या नहीं, इस पर बच्चों ने संतोषजनक जवाब दिया।

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इस दौरान डीएम ने साफ सफाई पर विशेष निर्देश दिया। भोजन बनाने वाले जगह पर जलजमाव देखकर प्रभारी को विकास मद की राशि से सोख्ता एवं स्कूल के बच्चे बच्चियों को सहूलियत के लिए विकास मद की राशि से स्कूल में एक और शौचालय बनाने का निर्देश दिया। तीन साल से एक टीचर की प्रतिनियुक्ति पर भी उन्होंने सवाल किया और संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया। बच्चों की कम उपस्थिति पर चिंता जताई और इसके लिए ग्रामीणों से भी बात की। डीएम ने ग्रामीणों से कहा वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें। कई ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की बच्चे पढ़ने के दौरान स्कूल के बाहर घूमने निकल जाते हैं। डीएम ने इसे गंभीरता पूर्वक लेते हुए शिक्षकों को आवश्यक निर्देश दिया। डीएम ने शिक्षकों से कहा आप लोग थोड़ा मेहनत करें ताकि अच्छा परिणाम मिल सके। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे एक बार फिर स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचेंगे। दोबारा शिकायत का मौका नहीं मिलना चाहिए।


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