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28 तारीख तक नहीं कराई तो सभी नियोजित शिक्षकों का फरवरी से रुक जाएगा वेतन।

28 तारीख तक नहीं कराई तो सभी नियोजित शिक्षकों का फरवरी से रुक जाएगा वेतन।

1)डिग्री जांच में कोताही करने वाले अफसरों पर कार्रवाई का आदेश। 
2)कोर्ट ने कहा, मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी। 

पटना हाईकोर्ट ने नियोजित शिक्षकों को जल्द अपनी डिग्री की जांच कराने का आदेश दिया है। डिग्री जांच नहीं कराने वाले शिक्षकों को फरवरी से वेतन नहीं मिलेगा । साथ ही डिग्री जांच में कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने का आदेश कोर्ट ने दिया है। कोर्ट ने निगरानी जांच में भी तेजी लाने को कहा है। मामले पर अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी।

नियोजित शिक्षकों को एक बार फिर अपमानित किया गया शिक्षा मंत्री एक सभा में संबोधित करते हुए यह बड़ी बात कह डाली।

 बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा न्यायमूर्ति अनिल कुमार सिन्हा की खंडपीठ ने रंजीत पंडित की ओर से दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई की। वहीं, आवेदक की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि जांच धीमी गति से होने के कारण फर्जी शिक्षक अपने पद पर बने हुए हैं। वेतन ले रहे हैं। निगरानी के सीनियर वकील अंजनी कुमार ने कोर्ट को बताया कि लगभग 3 लाख शिक्षकों की डिग्रियों की जांच की जा रही है।

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25 के बाद होगी बैठक, फिर होगा निर्णय 18 से नहीं खुलेंगे पहली से आठवीं तक के स्कूल। 

राज्य के पहली से आठवीं तक के स्कूल 18 जनवरी से नहीं खुलेंगे। 25 जनवरी के बाद क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक होगी और उसमें निर्णय लिया जाएगा।

मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि 25 जनवरी के बाद क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक होगी, जिसमें जूनियर कक्षाओं यानी पहली से आठवीं क्लास के स्कूल खोलने के बारे में चर्चा होगी और उसके बाद निर्णय लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य में सभी माध्यमिक, उच्च माध्यमिक स्कूल और कोचिंग संस्थान 4 जनवरी से खुल चुके हैं। 

ये सभी शिक्षण संस्थान पिछले साल कोरोना संक्रमण के चलते मार्च महीने से ही बंद थे। संक्रमण की दर कम होने के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में 4 जनवरी से शिक्षण संस्थानों को खोला गया। लेकिन स्कूल खोलने के साथ ही मुंगेर, गया और पटना में संक्रमण के मामले सामने आए। मुख्य सचिव ने कहा है कि अभी छोटे बच्चों की कक्षाएं शुरू नहीं होगी। सरकार कोई रिस्क लेना नहीं चाहती। इसके अलावा हर स्कूल में सभी बच्चे मास्क पहनकर पहुंच रहे हैं और पर्याप्त सेनेटाइजर की भी उपलब्धता की गई है।


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