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राज्य के साढ़े 3 साल नियोजित शिक्षकों के लिए अधिसूचना जारी जल्द अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शिक्षा विभाग बिहार

राज्य के साढ़े 3 साल नियोजित शिक्षकों के लिए अधिसूचना जारी जल्द अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शिक्षा विभाग बिहार

प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक वहाली में किसी तरह की कानूनी अड़चन नहीं आए, इसलिए पहले ही सभी बिंदुओं को पूरा कर लिया जाए। इसी संबंध में आयोग से जानकारी ली गई। रिक्तियां आ गई है। जल्द आयोग को भेज दी जाएंगी।

संजय कुमार, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग

पटना: प्रदेश के प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में 45,852 प्रधानाध्यापकों तथा प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति की तैयारी शुरू हो गयी है। इसे लेकर शिक्षा विभाग और बिहार लोक सेवा आयोग के अफसरों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई।

आयोग ने शिक्षा विभाग से कहा है कि आरक्षण रोस्टर के हिसाब से ही रिक्तियां दें ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में कानूनी अड़चन नहीं आए। आयोग ने शिक्षा विभाग को भरोसा दिया कि प्राथमिकता के आधार पर प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक की नियुक्ति के लिए आवेदन लेने से लेकर परीक्षा आयोजित कर रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।

शिक्षा विभाग ने आयोग को जानकारी दी कि है कि सभी 38 जिलों से रिक्तियां आ चुकी हैं। विभाग जल्द इसे कंपाइल कर अधियाचना भेजेगा। लिखित परीक्षा में प्रधान शिक्षक के लिए डीएलएड तथा बीएड जबकि प्रधानध्यापक के लिए बीएड और एमएड से जुड़े प्रश्न होंगे। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामान्य अध्ययन और शिक्षक एप्टीट्यूट से जुड़े प्रश्न भी होंगे। हालांकि, इसके लिए आवेदन लेने के समय ही बीपीएससी अलग से परीक्षा में पूछे जाने वाले विषयों की जानकारी देगा।

दोनों पदों की बहाली के लिए 150-150 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक के होंगे। 0.25 प्रतिशत निगेटिव मार्किंग होगी। दो घंटे की परीक्षा होगी। प्राथमिक विद्यालय में 40,518 प्रधान शिक्षक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 5,334 हजार से अधिक प्रधानाध्यापक नियुक्ति के लिए अलग-अलग परीक्षा होगी।

सीटीइटी के पहली बार ऑनलाइन आयोजन से परेशान रहें परीक्षार्थी

पटना। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) का सेंट्रल एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीटीइटी) 2021 गुरुवार से शुरू हो गयी। पहली बार ऑनलाइन परीक्षा से परीक्षार्थी परेशान हो गये। काफी अधिक संख्या में पहली बार परीक्षार्थी कंप्यूटर के सामने बैठ कर एग्जाम दे रहे थे। इससे ग्रामीण परिवेश से आने वाले परीक्षार्थियों को काफी परेशानी हुई। कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं रहने के कारण परीक्षार्थियों ने कई प्रश्नों को हल नहीं कर पाये। सीटीइटी 13 जनवरी 2022 तक आयोजित होगा। इसके लिए 10 जिलों में 56 केंद्रों बनाये गये हैं। पटना के 33 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है। बिहार से चार लाख 90 हजार 444 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। पटना से करीब दो लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा अलग-अलग तिथि व अलग- अलग पाली में आयोजित की जा रही है। सीटीइटी के पहले दिन काफी परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गयी।

समस्तीपुर के रामानुज कुमार चार परीक्षार्थियों के साथ कंकड़बाग सेंटर पर परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे। परीक्षा सेंटर पर 10 के मिनट लेट पहुंचने के कारण उनके साथ अन्य चारों परीक्षार्थियों को भी प्रवेश से रोक दिया गया. परीक्षार्थियों ने काफी कोशिश की लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इसके साथ अन्य सेंटर पर भी लेट से पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। सबसे अधिक परीक्षार्थी पहली पाली में ही थे। पहली पाली सुबह 9.30 बजे शुरू होगी और दोपहर 12 बजे समाप्त होगी और दोपहर का सत्र दोपहर 2.30 बजे से शाम पांच बजे के बीच आयोजित की गयी। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन भी कराया गया। काफी अधिक संख्या में दो घंटे पहले ही अभ्यर्थी सेंटर पर पहुंच गये थे । परीक्षा सेंटर पर पहुंचे अभ्यर्थियों के हाथों से घड़ी के साथ-साथ कई सेंटर पर जूते-मोजे व बेल्ट भी उतरवाये गये।

सीटीइटी देने वाले परीक्षार्थियों ने बताया कि पहले पेपर के 10 प्रतिशत सवाल थोड़े मुश्किल थे । शिक्षा शास्त्र का पेपर आसान थे। था, लेकिन मैथ परेशान करने वाला था। हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषा के पेपर के सवाल आसान थे। कई लोगों को शिक्षा शास्त्र के सवालों को हल करने में काफी वक्त लग गया। वहीं कुछ लोगों ने अंग्रेजी सेक्शन को भी कठिन बताया। सीटीइटी के पहले पेपर में बाल विकास और शिक्षा शास्त्र से 30 सवाल, पहली और दूसरी भाषा से 30-30 सवाल, गणित से 30 सवाल और पर्यावरण अध्ययन से 30 सवाल पूछे गये. पेपर टू में कक्षा छह से आठ तक पढ़ाने वाले उम्मीदवार शामिल हुए। पेपर टू में गणित, विज्ञान या सामाजिक अध्ययन, सामाजिक विज्ञान से 60 प्रश्न पूछे जायेंगे


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