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बिहार के शिक्षकों ने अपनी दबंगता और ताकत दिखाई फिर बीईओ को हार मानकर स्थानांतरण करा कर भागना ही पड़ा.

बिहार के शिक्षकों ने अपनी दबंगता और ताकत दिखाई फिर बीईओ को हार मानकर स्थानांतरण करा कर भागना ही पड़ा.

गया।बोधगया के विधायक कुमार सर्वजीतने टनकुप्पा प्रखण्डके अंतर्गत प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयके निरीक्षणके दौरान स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मंजू कुमारी के प्रखंड शिक्षा कार्यालय में अनुपस्थित रहने से अवगत कराया। कार्यालय पत्रांक 970 ,26 सितंबर 2020 में आंशिक संशोधान करते हुए टनकुप्पा प्रखण्डके निकट वाले प्रखण्डमें पदस्थापित।

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नारायण महतो, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी फतेहपुरको टनकुप्पा प्रखण्डका अतिरिक्त प्रभाव तत्काल प्रभावसे कार्य करने हेतु आवंटित की जाती है, नारायण महतो को निर्देशित किया जाता है कि वे अतिरिक्त प्रभाववाले प्रखंड कंकूबामें सप्ताह के तीन दिन उपस्थित रहेंगे। दोषी शिक्षकने अपने दबंगता से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को स्थानांतरित करवा दिया।

फरवरी से स्कूलों में शुरू हो सकती हैं निचली कक्षाएं 30 को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप लेगा निर्णय। 
राज्य के स्कूलों में कक्षा आठ तक की पढ़ाई फिलहाल बंद है. क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक 30 जनवरी को होनेवाली है. उस बैठक में निचली कक्षाओं को खोलने पर विचार किया जायेगा. उम्मीद की जा रही है कि फरवरी से निचली कक्षाओं को खोला जा सकता है। 

मुख्य सचिव दीपक कुमार ने पत्रकारों को बताया कि फिलहाल ठंड की वजह से नीचे की कक्षाएं बंद रहेंगी. क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में ही इस पर ठोस निर्णय लिया जायेगा. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि ठंड के कारण भी स्कूलों के जूनियर सेक्शन अभी नहीं खोले जा सकेंगे। हर साल जिला प्रशासन के स्तर पर ठंड के दौरान निचली कक्षाओं को बंद रखने का आदेश दिया जाता है. ठंड में छोटे बच्चों को स्कूल बुलाना जोखिम भरा होता है।

कोरोना काल में तो और भी ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है, मालूम हो कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने चार जनवरी से राज्य की नौवीं से ऊपर की कक्षाओं के साथ सभी कोचिंग संस्थान खोलने का निर्णय लिया था. इस निर्णय के बाद सोशल डिस्टसिंग और कोविड-19 के अन्य नियमों का पालन करते हुए स्कूल और कोचिंग संस्थाओं को खोला जा रहा है. हालांकि, अब तक शैक्षणिक संस्थाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम हो रही है।


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